Miss Universe 2026: सिंगापुर, थाईलैंड, वियतनाम, इंडोनेशिया, मलेशिया और लाओस की ब्यूटी क्वीन्स इस बार मिस यूनिवर्स 2026 प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लेंगी, जिसकी वजह फ्रेंचाइजी को लेकर चल रहा विवाद है. मिस ग्रैंड इंटरनेशनल (MGI) ने 21 अक्टूबर को इस संबंध में बयान जारी करते हुए बताया कि संबंधित पक्षों, राष्ट्रीय संगठनों और 6 प्रतिनिधियों से बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया. हालांकि, सभी प्रतिनिधि अपने राष्ट्रीय खिताब और उससे जुड़ी जिम्मेदारियां बरकरार रखेंगी. इस दौरान, संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपने कॉन्ट्रैक्चुअल अधिकारों को नहीं छोड़ रहा है.
क्या है पूरा फ्रेंचाइजी विवाद?
द स्ट्रेट्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जेकेएन यूनिवर्स ने सितंबर में कहा था कि इन देशों से जुड़े फ्रेंचाइजी समझौतों को मान्यता नहीं दी गई है. जेकेएन यूनिवर्स का कहना है कि मिस यूनिवर्स ब्रांड के लाइसेंस, स्पॉन्सरशिप और फ्रेंचाइजी कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े कानूनी अधिकार उसके पास हैं. वहीं, थाई पेजेंट डायरेक्टर Nawat Itsaragrisil ने इस रुख का विरोध किया था. उन्होंने कहा था कि प्रतियोगियों को बाहर रखने वाले नोटिस का कोई कानूनी प्रभाव नहीं है. नवात मिस यूनिवर्स ईस्टर्न के प्रमुख हैं. रिपोर्ट के अनुसार, मिस यूनिवर्स ईस्टर्न के पास क्षेत्रीय फ्रेंचाइजी अधिकार और ग्लोबल ब्रांड में 50 फीसदी हिस्सेदारी है.
मिस यूनिवर्स सिंगापुर का बयान
वियोन एरिको टैन को 13 अक्टूबर को 8 अन्य फाइनलिस्ट को पीछे छोड़ते हुए मिस यूनिवर्स सिंगापुर 2026 का ताज मिला था. 21 अक्टूबर को उन्होंने इंस्टाग्राम पर बताया कि उन्हें हाल ही में इस फैसले की जानकारी मिली और इसका उन पर गहरा असर पड़ा है. उन्होंने कहा कि आगे क्या होगा, इस बारे में अपने बात शेयर करने से पहले उन्हें थोड़ा समय चाहिए. साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि इस घटनाक्रम से उनका हौसला कम नहीं हुआ है.
अब मिस यूनिवर्स 2027 पर नजर
वहीं, मिस यूनिवर्स सिंगापुर ऑर्गेनाइजेशन ने इस फैसले को निराशाजनक बताया है. संगठन के मुताबिक, टैन अपनी तैयारियां जारी रखेंगी. अब उनकी नजर किसी दूसरे मेजबान देश में होने वाले Miss Universe 2027 में सिंगापुर का प्रतिनिधित्व करने पर है.

