‘खाना, पानी और टॉर्च रख लें’, दुनिया के कई देशों में क्‍यों दी जा रही चेतावनी?

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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UK Japan: दुनिया के कई देशों ने बीते कुछ दिनों में अपने नागरिकों को अलर्ट रहने और जरूरी सामान जमा करने के लिए कहा है, जो ब्रिटेन से अमेरिका तक के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डाल रहा है. दरअसल, ब्रिटिश शहरों में खाने-पीने की चीजों वाले स्टोर पर लंबी लाइनें देखी जा रही हैं. इस तरह की चेतावनियों के पीछे बहुत स्पष्ट कारण नहीं बताए गए हैं.

दरअसल, एक ओर जहां ब्रिटेन में एआई के साइबर अटैक को लेकर चिंता है तो जापान में भूकंप के लिए तैयारी हो रही है. वहीं अमेरिका किसी बड़े संघर्ष की स्थिति के लिए तैयारी की बात कर रहा है. इसके अलावा नॉर्वे और जर्मनी ने भी वॉर्निंग जारी की है. यानी कुल पांच देशों में इमरजेंसी सिचुएशन के लिए तैयारी की जा रही है.

इस दौरान जापान और ब्रिटेन अपने नागरिकों से अपील की है कि वो आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयार रहें. अपने घरों में 3-4 दिन का जरूरी सामान जमा करके रखें. इसमें भोजन, पानी, दवाइयां, टॉयलेट पेपर, टॉर्च और नकद पैसे शामिल हैं. जापान ने अपने नागरिकों से 3 से 5 दिनों के लिए भोजन, पानी और दूसरी जरूरी चीजें जमा करने के लिए कहा है. यह सलाह ऐसे समय में दी गई है, जब दोनों देशों की सरकारें लोगों को अचानक आने वाली आपातकालीन स्थितियों- जैसे प्राकृतिक आपदाओं, साइबर हमलों और बड़े स्तर की रुकावटों के लिए बेहतर ढंग से तैयार कर रही हैं.

जापान

जापान में 2 नवंबर को नई आपदा प्रबंधन एजेंसी शुरू हो रही है. जापान के आपदा प्रबंधन मंत्री गोशी होसोनो ने कहा कि 2 नवंबर को देश की आपदा रोकथाम एजेंसी की स्थापना होगी तो सरकार विभिन्न मंत्रालयों, प्रांतों और नागरिकों से तत्काल अनुरोध करेगी. मैं कहूंगा कि एक हफ्ते के लिए, आपके पास भोजन, शौचालय, पानी और दूसरी जरूरी चीजों का इंतजाम पहले से होना चाहिए. भले आपको बाहर से कोई मदद ना मिल पाए.

जापान राष्ट्रीय स्तर की आपदाओं के लिए तैयारी कर रहा है. इनमें नानकाई ट्रफ में आने वाला भूकंप, राजधानी के ठीक नीचे आने वाला एक बड़ा भूकंप, कुरिल और जापान ट्रेंच के पास आने वाले बड़े भूकंप, और माउंट फ़ूजी में ज्वालामुखी का फटना जैसी घटनाएं शामिल हैं. होसोनो ने कहा कि आपदा निवारण एजेंसी राष्ट्रीय स्तर की ऐसी आपदाओं पर ध्यान केंद्रित करेगी क्योंकि इसके लिए एक अलग स्तर की तैयारी जरूरी है.

UK

ब्रिटेन ने बी रेडी अभियान चलाया है, जिसके तहत में परिवारों से कहा गया है कि वे 3 दिनों के लिए पानी, डिब्बाबंद खाना, कुछ नकदी, टॉर्च और एक रेडियो अपने पास रखें. PHP सॉफ्टवेयर में आई एक बड़ी खराबी के कारण कुछ सेवाएं बाधित हो गईं और लाखों बार हैकिंग की कोशिशें हुईं हैं. इसके बाद UK ने यह संदेश फिर दोहराया है.

सरकार ने जंगल की आग, खराब मौसम, साइबर हमलों, दुश्मन देशों और संगठित अपराधों से जुड़े खतरों का भी जिक्र किया है. ब्रिटेन की यह सलाह यूरोपीय आयोग की सलाह जैसी है. इसका मकसद यह है कि अगर आपातकालीन सेवाएं या सरकारी मदद मिलनी बंद हो जाए तो परिवारों को कम से कम कुछ दिनों तक खुद अपना इंतजाम करने में सक्षम होना चाहिए.

अमेरिका

अमेरिकी रक्षा पेंटागन चाहता है कि अमेरिकी जमीन पर मौजूद उसके बेस, बिना किसी बाहरी सप्लाई के कम से कम 90 दिनों तक चल सकें. यानी उनकी अपनी बिजली, पानी, ईंधन और संचार व्यवस्था हो. इस योजना को ‘फोर्ट्रेस’ (FORTRESS) नाम दिया गया है. प्रवक्ता का कहना है कि अब बिजली ही युद्ध की ताकत है.

जर्मनी

जर्मनी में हर 18 साल के युवक को मिलिट्री सर्विस से जुड़ा एक प्रश्नावली (questionnaire) भेजा जा रहा है. अगर कोई इसे नजरअंदाज करता है तो उस पर 250 यूरो का जुर्माना लग सकता है. जुर्माने लगाने की शुरुआत भी हो चुकी है. इसे एक इमरजेंसी तैयारी की तरह देखा जा रहा है.

नॉर्वे

यहां सरकार ने ‘संकट और युद्ध के लिए तैयार रहने के लिए आपको ये 3 काम करने होंगे’ के तहत बयान जारी किया है। साथ ही ‘आत्म-तैयारी सप्ताह’ चलाया जा रहा है. सरकार ने कहा है कि सभी नागरिकों को मुश्किल वक्त केलिए तैयार रहने की जरूरत है.

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