Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में घर के अंदर लगी घड़ी का खास महत्व माना जाता है. मान्यता है कि घर के अंदर घड़ी किस दिशा में लगी है, इसका असर घर के माहौल, परिवार के सदस्यों की सोच और जीवन में आने वाले अवसरों पर भी पड़ सकता है. ऐसे में खासकर घड़ी को सही दिशा में लगाने की सलाह दी जाती है. ऐसे में चलिए जानते है कि घर में घड़ी किस दिशा में लगानी चाहिए और किन जगहों पर घड़ी लगाने से बचना चाहिए…
दरवाजे की चौखट के ऊपर न लगाएं घड़ी
वास्तु के अनुसार, घड़ी को कभी भी घर के दरवाजे की चौखट के ठीक ऊपर नहीं लगाना चाहिए. ऐसा करने से जीवन में नए अवसर आने की गति धीमी हो सकती है.
दक्षिण दिशा में घड़ी लगाने से बचें
घर की दक्षिण दिशा में भी घड़ी लगाने से बचना चाहिए. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इस दिशा में घड़ी लगाने से घर में तनाव और परेशानियां बढ़ सकती हैं. परिवार के सदस्यों के बीच मनमुटाव की स्थिति भी बन सकती है.
फिर किस दिशा में लगाएं घड़ी?
एस्ट्रोलॉजरों का कहना है कि घर के अंदर घड़ी लगाने के लिए उत्तर दिशा सबसे अच्छी मानी जाती है. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, उत्तर दिशा का संबंध धन और तरक्की से होता है. इस दिशा को सकारात्मक ऊर्जा और नए अवसरों का प्रतीक भी माना जाता है. इसके अलावा आप उत्तर-पूर्व और पूर्व दिशा में भी घड़ी को टांग सकते हैं.
वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिशा पूजा-पाठ और सकारात्मक ऊर्जा के लिए खास मानी जाती है. वहीं, पूर्व दिशा का संबंध सूर्य देव से माना जाता है. सूर्य देव को ऊर्जा, प्रकाश और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. ऐसे में इन दिशाओं में घड़ी लगाना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि सही इस दिशा में घड़ी लगाने से घर में सकारात्मक माहौल बना रहता है. साथ ही परिवार के सदस्यों को आगे बढ़ने और अपने काम में सफलता पाने के नए अवसर मिलते हैं.

