01 February 2026 Ka Panchang: हिंदू धर्म में किसी भी कार्य को करने से पहले शुभ और अशुभ मुहूर्त देखा जाता है. ज्योतिष हिंदू पंचांग से रोजाना शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की वर्तमान स्थिति के बारे में बताते हैं. आइए काशी के ज्योतिष से जानते हैं 1 फरवरी, दिन रविवार का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त के समय के बारे में.
आज का पंचांग
1 फरवरी 2026 को माघ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है और इस दिन रविवार पड़ेगा. पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 1 फरवरी की रात 3 बजकर 39 मिनट तक रहेगी. इस दिन सुबह 10 बजकर 19 मिनट तक प्रीति योग रहेगा, जिसके बाद आयुष्मान योग का संयोग बनेगा. इसके साथ ही 1 फरवरी को रात 11 बजकर 58 मिनट तक पुष्य नक्षत्र रहेगा और इस दिन पृथ्वी लोक की भद्रा का भी योग बन रहा है. धार्मिक दृष्टि से यह दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इस दिन माघी पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा और संत रविदास जयंती भी मनाई जाएगी.
1 फरवरी 2026 का शुभ मुहूर्त
- माघ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि – 1 फरवरी को देर रात 3 बजकर 39 मिनट तक
- पुष्य नक्षत्र – 1 फरवरी को रात 11 बजकर 58 मिनट तक
- प्रीति योग – 1 फरवरी को सुबह 10 बजकर 19 मिनट तक
- 1 फरवरी 2026 व्रत-त्योहार – माघ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा, रविदास जयंती
1 फरवरी 2026 को पूजा का शुभ मुहूर्त
पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 1 फरवरी 2026, रविवार को सुबह 5 बजकर 52 मिनट से होगी और यह तिथि देर रात 3 बजकर 39 मिनट तक रहेगी, जो 2 फरवरी की सुबह मानी जाएगी. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार पूर्णिमा व्रत 1 फरवरी को ही रखा जाएगा.
स्नान-दान और पूजा का शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 5 बजकर 24 मिनट से 6 बजकर 17 मिनट तक
- प्रातः संध्या – सुबह 5 बजकर 57 मिनट से 7 बजकर 13 मिनट तक
- अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12 बजकर 30 मिनट से 1 बजकर 15 मिनट तक
- विजय मुहूर्त – दोपहर 2 बजकर 45 मिनट से 3 बजकर 31 मिनट तक
राहुकाल का समय
- दिल्ली – शाम 04:38 से 05:59 PM
- मुंबई – शाम 05:06 से 06:31 PM
- चंडीगढ़ – शाम 04:37 से 05:58 PM
- लखनऊ – शाम 04:26 से 05:48 PM
- भोपाल – शाम 04:43 से 06:06 PM
- कोलकाता – शाम 04:01 से 05:25 PM
- अहमदाबाद – शाम 05:03 से 06:26 PM
- चेन्नई – शाम 04:43 से 06:09 PM
सूर्य और चंद्रमा का समय
- सूर्योदय – 7:11 AM
- सूर्यास्त – 6:07 PM
- चन्द्रोदय – Jan 29, 2:22 PM
- चन्द्रास्त – Jan 30, 4:44 AM
माघ पूर्णिमा का महत्व
हर वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को माघ पूर्णिमा का व्रत रखा जाता है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व बताया गया है. धार्मिक मान्यता के अनुसार यह पूर्णिमा पुत्र-प्राप्ति और सौभाग्य बढ़ाने वाली मानी जाती है.
इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है. साथ ही देवी लक्ष्मी, भगवान शिव और चंद्रदेव के पूजन का भी विधान है. माघ पूर्णिमा के अवसर पर भगवान सत्यनारायण की कथा कराना अत्यंत फलदायी माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार सूर्योदय और सूर्यास्त के समय भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की आराधना करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और विभिन्न जानकारियों पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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