08 February 2026 Ka Panchang: हिंदू धर्म में किसी भी कार्य को करने से पहले शुभ और अशुभ मुहूर्त देखा जाता है. ज्योतिष हिंदू पंचांग से रोजाना शुभ अशुभ मुहूर्त राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की वर्तमान स्थिति के बारे में बताते हैं. आइए काशी के ज्योतिष से जानते हैं 8 फरवरी, दिन रविवार का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त के समय के बारे में…
आज का पंचांग
8 फरवरी को फाल्गुन कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि और रविवार का दिन है. सप्तमी तिथि रविवार का पूरा दिन पूरी रात पार करके 9 फरवरी को सुबह 5 बजकर 2 मिनट तक रहेगी. 8 फरवरी को पूरा दिन पूरी रात पार कर के अगले दिन सुबह 5 बजकर 2 मिनट तक रवि योग रहेगा. साथ ही रविवार पूरा दिन पूरी रात पर करके 9 फरवरी को सुबह 5 बजकर 3 मिनट तक स्वाती नक्षत्र रहेगा. इसके अलावा 8 फरवरी को भानु सप्तमी मनाई जाएगी. फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को शबरी जयंती भी मनाई जाती है.
8 फरवरी 2026 का पंचांग
- फाल्गुन कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि – 8 फरवरी का पूरा दिन पूरी रात पार करके 9 फरवरी को सुबह 5 बजकर 2 मिनट तक
- स्वाती नक्षत्र – 9 फरवरी को पूरा दिन पूरी रात पर करके 9 फरवरी को सुबह 5 बजकर 3 मिनट तक
- रवि योग – 8 फरवरी को पूरा दिन पूरी रात पार कर के 9 फरवरी को सुबह 5 बजकर 2 मिनट तक
- 8 फरवरी 2026 व्रत-त्यौहार – भानु सप्तमी, शबरी जयंती व्रत
8 फरवरी 2026 शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 5 बजकर 30 मिनट से 6 बजकर 20 मिनट तक
- प्रातः सन्ध्या – सुबह 5 बजकर 55 मिनट से 7 बजकर 10 मिनट तक
- अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12 बजकर 30 मिनट से 1 बजकर 16 मिनट तक
- गोधूलि मुहूर्त – शाम 6 बजकर 33 मिनट से 6 बजकर 58 मिनट तक
राहुकाल का समय
- दिल्ली- शाम 04:43 से शाम 06:05 तक
- मुंबई- शाम 05:09 से शाम 06:35 तक
- चंडीगढ़- शाम 04:42 से शाम 06:04 तक
- लखनऊ– शाम 04:30 से शाम 05:53 तक
- भोपाल- शाम 04:47 से शाम 06:12 तक
- कोलकाता- शाम 04:04 से शाम 05:29 तक
- अहमदाबाद- शाम 05:06 से शाम 06:31 तक
- चेन्नई- शाम 04:45 से शाम 06:12 तक
सूर्य और चंद्रमा का समय
शबरी जयंती का महत्व
शबरी जयंती का दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है, जो माता शबरी की निष्काम भक्ति और भगवान श्रीराम के प्रति उनके अटूट विश्वास की याद दिलाता है. शबरी ने अपना पूरा जीवन भगवान राम के इंतजार में बिताया और अंत समय से पहले उनकी भेंट भगवान राम से हुई थी. भगवान राम की अनन्य भक्त, दया, भक्ति और निष्ठा की जीवंत उदाहरण होने के चलते ही आज भी माता शबरी को याद किया जाता है और शबरी जयंती मनाई जाती है. इस दिन भक्त माता शबरी और भगवान श्रीराम की पूजा करते हैं और व्रत भी रखते हैं.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और विभिन्न जानकारियों पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)