10 September 2026 Ka Panchang: : 10 सितंबर 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से खास रहने वाला है. इस दिन भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह तक रहेगी और इसके बाद अमावस्या तिथि शुरू हो जाएगी. साथ ही दिन में सिद्ध योग और मघा नक्षत्र का संयोग भी रहेगा. 10 सितंबर को श्राद्ध आदि की अमावस्या मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है. इस दिन पितरों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और अन्य धार्मिक कार्य किए जाते हैं. आइए जानते हैं 10 सितंबर 2026 का पंचांग, तिथि, नक्षत्र, योग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का पूरा समय…
10 सितंबर 2026 को कौन सी तिथि रहेगी?
10 सितंबर को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 10:34 मिनट तक रहेगी. इसके बाद अमावस्या तिथि शुरू हो जाएगी, जो 11 सितंबर को सुबह 8 बजकर 57 मिनट तक रहेगी. इस वजह से 10 सितंबर को श्राद्ध आदि की अमावस्या मानी जाएगी.
10 सितंबर को सिद्ध योग और मघा नक्षत्र
10 सितंबर को सिद्ध योग शाम 7 बजकर 18 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही मघा नक्षत्र दोपहर 2 बजकर 5 मिनट तक रहेगा. पंचांग के अनुसार ये दोनों समय दिन के धार्मिक और शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं.
10 सितंबर 2026 विशेष
- भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि – सुबह 10:34 बजे तक
- इसके बाद – अमावस्या तिथि
- अमावस्या तिथि – 11 सितंबर सुबह 8:57 बजे तक
- सिद्ध योग – शाम 7:18 बजे तक
- मघा नक्षत्र – दोपहर 2:05 बजे तक
- विशेष – श्राद्ध आदि की अमावस्या
10 सितंबर 2026 के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:31 बजे से 05:17 बजे तक
- प्रातः सन्ध्या: सुबह 04:54 बजे से 06:03 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:53 बजे से दोपहर 12:43 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:23 बजे से 03:13 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:32 बजे से 06:55 बजे तक
- सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:32 बजे से 07:42 बजे तक
- अमृत काल: सुबह 11:47 बजे से दोपहर 01:18 बजे तक
10 सितंबर 2026 का राहुकाल
- दिल्ली: दोपहर 01:51 बजे से 03:25 बजे तक
- मुंबई: दोपहर 02:08 बजे से 03:41 बजे तक
- चंडीगढ़: दोपहर 01:53 बजे से 03:27 बजे तक
- लखनऊ: दोपहर 01:37 बजे से 03:10 बजे तक
- भोपाल: दोपहर 01:50 बजे से 03:23 बजे तक
- कोलकाता: दोपहर 01:06 बजे से 02:39 बजे तक
- अहमदाबाद: दोपहर 02:09 बजे से 03:42 बजे तक
- चेन्नई: दोपहर 01:38 बजे से 03:10 बजे तक
10 सितंबर को सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय: सुबह 06:03 बजे
- सूर्यास्त: शाम 06:32 बजे
दो दिन की पड़ रही है भाद्रपद अमावस्या
इस बार भाद्रपद महीने की अमावस्या तिथि दो दिनों तक पड़ रही है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब अमावस्या तिथि दो दिनों तक रहती है, तो पहले दिन श्राद्ध आदि की अमावस्या और अगले दिन स्नान-दान की अमावस्या मनाई जाती है. 10 सितंबर को श्राद्ध आदि की अमावस्या के अवसर पर पितरों के निमित्त धार्मिक कार्य किए जाते हैं. मान्यता है कि इस दिन पितरों का स्मरण और तर्पण करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है.
पितरों के लिए खीर का भोग लगाने की मान्यता
पितृ दोष से मुक्ति और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने की धार्मिक मान्यता के तहत इस दिन दूध और चावल की खीर बनाकर पितरों के निमित्त भोग लगाने की परंपरा बताई गई है. इसके लिए गोबर के उपले या कंडे की कोर जलाकर उस पर खीर का भोग लगाने की बात कही गई है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या के दिन पितरों का स्मरण, तर्पण और उनके निमित्त किए जाने वाले धार्मिक कार्यों का विशेष महत्व माना जाता है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
यह भी पढ़े: प्रत्येक साधक के जीवन में इन छः बातों का निर्णय होना बहुत जरूरी: दिव्य मोरारी बापू

