26 October 2026 Ka Panchang: सोमवार का पंचांग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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26 October 2026 Ka Panchang: 26 अक्टूबर, सोमवार को आश्विन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि सुबह 9 बजकर 42 मिनट तक रहेगी. इसके बाद कार्तिक कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी. इस दिन दोपहर 2 बजकर 17 मिनट तक वज्र योग रहेगा, जबकि अश्विनी नक्षत्र शाम 5 बजकर 42 मिनट तक रहेगा. सोमवार को आश्विन पूर्णिमा का स्नान-दान किया जाएगा. इसी के साथ कार्तिक माह का आरंभ भी हो चुका है. आइए जानते हैं सोमवार का पंचांग, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय… 

26 अक्टूबर 2026 का पंचांग

  • दिन: सोमवार.
  • तिथि: आश्विन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा सुबह 9:42 बजे तक, इसके बाद प्रतिपदा.
  • नक्षत्र: अश्विनी शाम 5:42 बजे तक.
  • योग: वज्र दोपहर 2:17 बजे तक.
  • विशेष: आश्विन पूर्णिमा का स्नान-दान और कार्तिक माह का आरंभ.

शहरों के अनुसार राहुकाल का समय

  • दिल्ली: सुबह 7:53 से 9:17 बजे तक.
  • मुंबई: सुबह 8:03 से 9:30 बजे तक.
  • चंडीगढ़: सुबह 7:57 से 9:20 बजे तक.
  • लखनऊ: सुबह 7:37 से 9:01 बजे तक.
  • भोपाल: सुबह 7:48 से 9:13 बजे तक.
  • कोलकाता: सुबह 7:04 से 8:29 बजे तक.
  • अहमदाबाद: सुबह 8:07 से 9:32 बजे तक.
  • चेन्नई: सुबह 7:29 से 8:57 बजे तक.

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

  • सूर्योदय: सुबह 6:28 बजे.
  • सूर्यास्त: शाम 5:40 बजे.

आश्विन पूर्णिमा पर स्नान-दान का महत्व

सोमवार को आश्विन पूर्णिमा का स्नान-दान किया जाएगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान करने और जरूरतमंदों को दान देने का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक स्नान-दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. इस वर्ष आश्विन पूर्णिमा की तिथि दो दिनों में पड़ रही है. पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर को सुबह 11 बजकर 58 मिनट पर शुरू हुई थी और 26 अक्टूबर को सुबह 9 बजकर 42 मिनट तक रहेगी. धार्मिक परंपरा के अनुसार, पूर्णिमा का व्रत पहले दिन और स्नान-दान दूसरे दिन किया जा सकता है. इसी वजह से 25 अक्टूबर को पूर्णिमा का व्रत मनाया गया, जबकि 26 अक्टूबर को स्नान-दान किया जाएगा. यदि किसी कारणवश पवित्र नदी में स्नान करना संभव न हो, तो घर पर स्नान के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है. इसके बाद अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान किया जा सकता है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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