Religious News

Surya Grahan Dosh: कुंडली में सूर्य ग्रहण दोष है तो 12 अगस्त की शाम करें ये उपाय, कम हो सकता है बुरा प्रभाव

Surya Grahan Dosh: ज्योतिष के अनुसार सूर्य और राहु की विशेष स्थिति से कुंडली में सूर्य ग्रहण दोष बन सकता है. 12 अगस्त की शाम कुछ उपाय करने से इसके नकारात्मक प्रभाव को कम करने की मान्यता है.

Nail Astrology: नाखूनों का रंग और आकार खोलते हैं व्यक्तित्व और भाग्य के राज, जानें क्या कहता है हस्तरेखा शास्त्र

सामुद्रिक शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार नाखूनों का रंग, आकार और बनावट व्यक्ति के स्वभाव और भाग्य से जुड़े संकेत दे सकते हैं. जानें किन नाखूनों को शुभ माना गया है.

Sawan 2026: सावन शिवरात्रि और महाशिवरात्रि एक नहीं, जानें दोनों में क्या है बड़ा अंतर

Sawan 2026: सावन शिवरात्रि और महाशिवरात्रि दोनों भगवान शिव को समर्पित पर्व हैं, लेकिन दोनों की धार्मिक मान्यताएं और महत्व अलग हैं. जानें दोनों के बीच का अंतर.

11 August 2026 Ka Panchang: मंगलवार का पंचांग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

11 August 2026 Ka Panchang: सावन शिवरात्रि भगवान शिव की उपासना का प्रमुख पर्व माना जाता है. इस दिन श्रद्धालु शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं और शुभ मुहूर्त में भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं. पंचांग के अनुसार,...

10 August 2026 Ka Panchang: सोमवार का पंचांग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

10 अगस्त 2026 को सावन का दूसरा सोमवार और सोम प्रदोष व्रत है. जानिए आज की तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, दिल्ली समेत प्रमुख शहरों का राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय.

Palmistry Tips: तर्जनी उंगली पर बने ये निशान बदल सकते हैं आपकी किस्मत, हस्तरेखा शास्त्र में माने गए बेहद शुभ

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार तर्जनी उंगली पर बने कुछ विशेष चिह्न व्यक्ति के स्वभाव, सफलता, मान-सम्मान और नेतृत्व क्षमता के संकेत माने जाते हैं. जानिए कौन से निशान शुभ माने गए हैं.

प्रदोष व्रत का हर वार क्यों होता है खास? जानिए सोमवार से रविवार तक का महत्व

प्रदोष व्रत भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए रखा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. जानिए प्रदोष व्रत का महत्व और इसके लाभ.

सदाचार और शुद्ध आचरण से ही परिपुष्ट होती है भक्ति: दिव्य मोरारी बापू

पुष्कर (राजस्थान) में परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि सदाचार और शुद्ध आचार-विचार ही सच्ची भक्ति की नींव हैं। उन्होंने ध्यान, दान, माता-पिता के सम्मान और गीता के संदेश को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।

Maa Chhinnamasta: मां छिन्नमस्ता ने क्यों काट दिया था अपना ही शीश? जानिए इस रहस्यमयी स्वरूप के पीछे की पौराणिक कथा

मां छिन्नमस्ता को दस महाविद्याओं में छठी महाविद्या माना जाता है. जानिए उन्होंने अपना ही शीश क्यों काटा, डाकिनी-शाकिनी से जुड़ी पौराणिक कथा और उनके इस दिव्य स्वरूप का आध्यात्मिक महत्व.

Shakun Shastra: घर में दो छिपकलियों का आपस में लड़ना क्या देता है संकेत? जानिए नारद संहिता और शकुन शास्त्र में क्या कहा गया...

Shakun Shastra: घर में दो छिपकलियों का आपस में लड़ना केवल एक सामान्य घटना है या किसी संकेत का प्रतीक? जानिए नारद संहिता, शकुन शास्त्र और वास्तु मान्यताओं के अनुसार इसका अर्थ और बताए गए उपाय.
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सत्य और श्रेष्ठ व्यवहार से ही होता है जीवन का कल्याण: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, परमार्थ सहज है, व्यवहार कठिन है। अपकीर्ति वाला मनुष्य जीवित...
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