03 November 2026 Ka Panchang: मंगलवार का पंचांग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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03 November 2026 Ka Panchang: 3 नवंबर 2026 को कार्तिक कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि और मंगलवार का दिन है. इस दिन नवमी तिथि दोपहर 11 बजकर 55 मिनट तक रहेगी, इसके बाद दशमी तिथि शुरू हो जाएगी. मंगलवार को सुबह 9 बजकर 54 मिनट तक शुक्ल योग रहेगा, फिर ब्रह्म योग का आरंभ होगा. वहीं, मघा नक्षत्र देर रात 3 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. इस दिन पृथ्वी लोक की भद्रा भी रहेगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुक्ल और ब्रह्म योग में किए गए शुभ कार्यों का विशेष महत्व माना जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं 3 नवंबर 2026 का पंचांग, शुभ योग, राहुकाल और विभिन्न शहरों में सूर्योदय-सूर्यास्त का समय.

3 नवंबर 2026 का पंचांग

  • दिन: मंगलवार
  • माह: कार्तिक
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष
  • तिथि: नवमी दोपहर 11:55 बजे तक, इसके बाद दशमी तिथि
  • शुक्ल योग: सुबह 9:54 बजे तक
  • ब्रह्म योग: सुबह 9:54 बजे के बाद
  • नक्षत्र: मघा देर रात 3:27 बजे तक
  • विशेष: पृथ्वी लोक की भद्रा

जानें प्रमुख शहरों में राहुकाल का समय

  • दिल्ली: दोपहर 2:50 बजे से शाम 4:12 बजे तक
  • मुंबई: दोपहर 3:13 बजे से शाम 4:39 बजे तक
  • चंडीगढ़: दोपहर 2:50 बजे से शाम 4:12 बजे तक
  • लखनऊ: दोपहर 2:36 बजे से दोपहर बाद 3:59 बजे तक
  • भोपाल: दोपहर 2:52 बजे से शाम 4:16 बजे तक
  • कोलकाता: दोपहर 2:09 बजे से दोपहर बाद 3:34 बजे तक
  • अहमदाबाद: दोपहर 3:11 बजे से शाम 4:36 बजे तक
  • चेन्नई: दोपहर 2:47 बजे से शाम 4:14 बजे तक

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

  • सूर्योदय: सुबह 6:33 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 5:34 बजे

शुक्ल योग का महत्व

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शुक्ल योग को शुभ योगों में गिना जाता है. इस योग में किए गए शुभ कार्यों के अच्छे परिणाम मिलने की मान्यता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान पूजा-पाठ, मंत्र जाप और आध्यात्मिक कार्य करना शुभ माना जाता है. माना जाता है कि इस योग में किए गए कार्यों में सफलता और सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना रहती है.

ब्रह्म योग का महत्व

ब्रह्म योग को भी शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस योग में शांतिपूर्वक और धैर्य के साथ किए गए कार्यों से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं. यदि किसी व्यक्ति के साथ विवाद या मनमुटाव चल रहा हो, तो उसे बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए भी इस योग को अनुकूल माना जाता है. पूजा-पाठ, ध्यान और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए भी ब्रह्म योग का विशेष महत्व बताया गया है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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