24 July 2026 Ka Panchang: आज 24 जुलाई 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि सुबह 9:13 बजे तक रहेगी, इसके बाद एकादशी तिथि का शुभारंभ होगा. आज अनुराधा नक्षत्र अगले दिन सुबह 4:36 बजे तक रहेगा, जिसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र शुरू होगा. वहीं शुक्ल योग रात 8:11 बजे तक रहेगा, इसके बाद ब्रह्म योग का आरंभ होगा. यदि आप आज पूजा-पाठ, व्रत, दान, यात्रा, खरीदारी या किसी नए कार्य की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं, तो दिन के शुभ और अशुभ मुहूर्त की जानकारी जरूर जान लें.
आज का पंचांग (24 जुलाई 2026)
- दिन: शुक्रवार
- विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
- शक संवत: 1948 (पराभव)
- मास: आषाढ़
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- तिथि: दशमी सुबह 9:13 बजे तक, इसके बाद एकादशी
- नक्षत्र: अनुराधा अगले दिन सुबह 4:36 बजे तक, इसके बाद ज्येष्ठा
- योग: शुक्ल योग रात 8:11 बजे तक, इसके बाद ब्रह्म योग
- करण: गर सुबह 9:13 बजे तक, वणिज रात 10:23 बजे तक, इसके बाद विष्टि
शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:22 बजे से 5:10 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:07 बजे से 12:59 बजे तक
- अमृत काल: शाम 4:56 बजे से 6:44 बजे तक
राहुकाल और अन्य अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 10:54 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 3:51 बजे से शाम 5:29 बजे तक
- कुलिक काल: सुबह 7:36 बजे से 9:15 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 8:36 बजे से 9:28 बजे तक और दोपहर 12:59 बजे से 1:52 बजे तक
- वर्ज्यम्: सुबह 6:11 बजे से 7:59 बजे तक
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा का समय
- सूर्योदय: सुबह 5:58 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:08 बजे
- चंद्रोदय: दोपहर 3:11 बजे
- चंद्रास्त: 25 जुलाई को रात 1:54 बजे
आज की चंद्र राशि
आज चंद्रमा पूरे दिन वृश्चिक राशि में गोचर करेंगे. वहीं सूर्य कर्क राशि में विराजमान रहेंगे.
आज का धार्मिक महत्व
आज दशमी तिथि के बाद देवशयनी एकादशी का शुभारंभ होगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन से भगवान विष्णु योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं और चातुर्मास की शुरुआत मानी जाती है. इसलिए भगवान विष्णु की पूजा, व्रत, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व माना जाता है. शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना और मांगलिक कार्य करना शुभ फलदायी माना जाता है, जबकि राहुकाल और अन्य अशुभ समय में नए कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है.
Disclaimer: यह पंचांग वैदिक गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. विभिन्न स्थानों के अनुसार मुहूर्त और समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है. किसी महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान या शुभ कार्य से पहले स्थानीय पंचांग या विद्वान आचार्य से परामर्श अवश्य करें.
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