26 June 2026 Ka Panchang: शुक्रवार का पंचांग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Aaj Ka Panchang 26 June 2026: शुक्रवार, 26 जून का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है. आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि, सिद्ध योग और विशाखा नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है. दोपहर तक चंद्रमा तुला राशि में रहेंगे, इसके बाद वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे. वहीं सूर्य पूरे दिन मिथुन राशि में विराजमान रहेंगे. यदि आप आज पूजा-पाठ, शुभ कार्य, निवेश, यात्रा या किसी नए कार्य की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं, तो पहले आज का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति जान लेना आपके लिए लाभदायक हो सकता है.

आज का पंचांग (26 जून 2026)

  • वार: शुक्रवार
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
  • शक संवत: 1948 (पराभव)
  • पूर्णिमांत मास: ज्येष्ठ
  • अमांत मास: ज्येष्ठ

तिथि

  • शुक्ल पक्ष द्वादशी: रात्रि 10:22 बजे तक
  • इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होगी.

नक्षत्र

  • विशाखा नक्षत्र: शाम 07:15 बजे तक
  • इसके बाद अनुराधा नक्षत्र प्रारंभ होगा.

योग

  • सिद्ध योग: सुबह 11:38 बजे तक
  • इसके बाद साध्य योग रहेगा.

करण

  • बव: सुबह 09:14 बजे तक
  • बालव: रात्रि 10:22 बजे तक
  • इसके बाद कौलव करण रहेगा.

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

  • सूर्य: मिथुन राशि में
  • चंद्रमा: दोपहर 12:33 बजे तक तुला राशि में, इसके बाद वृश्चिक राशि में गोचर करेंगे.

सूर्योदय और सूर्यास्त

  • सूर्योदय: सुबह 05:47 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 07:12 बजे

चंद्रोदय और चंद्रास्त

  • चंद्रोदय: शाम 04:23 बजे
  • चंद्रास्त: 27 जून प्रातः 03:12 बजे

आज का शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: 04:11 AM – 04:59 AM
  • अमृत काल: 09:25 AM – 11:12 AM
  • अभिजीत मुहूर्त: 12:02 PM – 12:56 PM

अशुभ समय

  • राहुकाल: 10:49 AM – 12:29 PM
  • यमगंड: 03:50 PM – 05:31 PM
  • कुलिक काल: 07:27 AM – 09:08 AM
  • दुर्मुहूर्त: 08:28 AM – 09:21 AM एवं 12:56 PM – 01:50 PM
  • वर्ज्य काल: 11:44 PM – 01:32 AM

आनंदादि योग

  • मातंग योग: शाम 07:15 बजे तक
  • इसके बाद राक्षस योग रहेगा.

वैदिक एवं द्रिक ऋतु

  • वैदिक ऋतु: ग्रीष्म
  • द्रिक ऋतु: वर्षा

आज किन बातों का रखें विशेष ध्यान?

आज सुबह सिद्ध योग और विशाखा नक्षत्र का संयोग शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है. हालांकि राहुकाल और दुर्मुहूर्त के दौरान नए कार्यों की शुरुआत से बचना बेहतर माना जाता है. दोपहर बाद चंद्रमा के वृश्चिक राशि में प्रवेश करने से कुछ राशियों के लिए मानसिक और भावनात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं. यदि आप किसी महत्वपूर्ण कार्य, पूजा-पाठ, निवेश, खरीदारी या यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो शुभ मुहूर्त का ध्यान रखते हुए कार्य करना अधिक शुभ माना जाता है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

यह भी पढ़े: Samasaptak Yog 2026: 26 जून को बनेगा मंगल-चंद्रमा का समसप्तक योग, इन 3 राशियों की चमक सकती है किस्मत

Latest News

‘जो गलत होगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी’, भरत तिवारी एनकाउंटर पर CM सम्राट ने तोड़ी चुप्पी

Bharat Tiwari Encounter Case: बीते दिनों भोजपुर के बिलौटी गांव में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर की जांच तेज हो...

More Articles Like This

Exit mobile version