80th Independence Day Theme: आज भारत 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. हर साल की तरह इस बार भी नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय ध्वज फहराया और लगातार 13वीं बार देश को संबोधित किया. इस साल की थीम ‘विकसित भारत @2047 के लिए युवा शक्ति’ है. पीएम मोदी ने इस साल ‘वंदे मातरम’ के 150 बरस पूरे होने पर खास ट्रिब्यूट दिया. इतना ही नहीं, इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में 6 चीजें ऐसी है, जो पहली बार हुईं है.
पीएम मोदी ने कहा कि “आज सबके लिए ऐतिहासिक पल भी है. आजादी के बाद 15 अगस्त को लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम गूंज रहा है. आज जब देश के लोग वंदे मातरम के 150 वर्ष मना रहे हैं, तो इससे बड़ा उत्तम अवसर क्या हो सकता है.”
स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार होने वाली खास बातें
- लाल किले पर वंदे मातरम: राष्ट्रगीत के 150 साल पूरे होने के सम्मान में, स्वतंत्रता दिवस समारोह के 80 वर्षों के इतिहास में पहली बार इसे समारोह के दौरान पूरी धुन गाई गई.
- स्वदेशी 21-तोपों की सलामी: पहली बार, स्वतंत्रता दिवस समारोह में इस्तेमाल होने वाले सभी प्रमुख उपकरण स्वदेशी रहे. पारंपरिक 21-तोपों की सलामी सेरेमोनियल 1721 फील्ड बैटरी द्वारा स्वदेशी 105mm लाइट फील्ड गन का उपयोग करके दी गई.
- ध्वजारोहण: कैप्टन सोनिया सिंह चौहान ने लाल किले की प्राचीर पर तिरंगा फहराने में पीएम मोदी की सहायता की.
- आसमान से फूलों की बारिश: ध्वजारोहण के तुरंत बाद दो Mi-17 हेलीकॉप्टर द्वारा कार्यक्रम स्थल पर फूल बरसाए गए.
- विशेष अतिथि: इस कार्यक्रम में 2500 नेशनल कैडेट कोर (NCC) कैडेटों के साथ-साथ 5000 विशेष अतिथि शामिल हुए.
- रियल-टाइम ट्रांसलेशन: AI-आधारित ‘डिजिटल इंडिया भाषिणी’ ऐप का इस्तेमाल करके प्रधानमंत्री के भाषण का 22 भारतीय भाषाओं में लाइव अनुवाद किया गया, ताकि यह संदेश हर नागरिक तक उनकी मातृभाषा में पहुंचे.
क्या है इस साल की थीम?
- वंदे मातरम के 150 साल: भारत के राष्ट्रगीत की विरासत को खास सम्मान दिया गया. पहली बार, प्रधानमंत्री के भाषण के ठीक बाद लाल किले पर NCC कैडेट्स और ‘माई भारत’ (My Bharat) के वॉलंटियर्स ने औपचारिक रूप से वंदे मातरम गाना.
- विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति: 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने में भारतीय युवाओं और Gen-Z उद्यमियों की भूमिका पर ज़ोर देना.