Adhik Maas Purnima Upay: हिंदू धर्म में अधिक मास की पूर्णिमा तिथि को बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह खास संयोग करीब 3 साल में एक बार आता है, इसलिए इस दिन किए गए पूजा-पाठ, दान और उपायों का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है. ज्येष्ठ अधिक मास भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है, वहीं पूर्णिमा तिथि माता लक्ष्मी की पूजा के लिए विशेष मानी जाती है.
ऐसी मान्यता है कि अधिक मास पूर्णिमा के दिन अगर श्रद्धा और विधि-विधान से कुछ विशेष उपाय किए जाएं, तो जीवन में सुख-समृद्धि, धन लाभ और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है. खासकर कौड़ी से जुड़े उपायों को इस दिन बेहद प्रभावशाली माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कौड़ी माता लक्ष्मी का प्रतीक मानी जाती है और इसका संबंध धन, वैभव और समृद्धि से जोड़ा जाता है. आपको बता दें कि ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा 30 मई 2026 को पड़ रही है. ऐसे में आइए जानते हैं इस दिन किए जाने वाले कुछ खास कौड़ी उपायों के बारे में.
धन-धान्य की प्राप्ति के लिए करें यह उपाय
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिक मास पूर्णिमा की रात माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए. पूजा के दौरान 11 पीली कौड़ियां माता लक्ष्मी को अर्पित करें. पूजा समाप्त होने के बाद इन कौड़ियों को लाल या पीले रंग के रेशमी कपड़े में बांध लें और पूरी रात इस पोटली को माता लक्ष्मी के चरणों में ही रहने दें. अगले दिन सुबह स्नान और पूजा के बाद इस पोटली को घर के धन स्थान, तिजोरी या लॉकर में रख दें. मान्यता है कि इस उपाय को करने से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है और माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है.
करियर और कारोबार में तरक्की के लिए उपाय
अगर काफी मेहनत के बावजूद करियर या कारोबार में सफलता नहीं मिल रही है, तो अधिक मास पूर्णिमा के दिन 7 कौड़ियां लेकर माता लक्ष्मी के मंत्र ‘ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं सिद्ध लक्ष्म्यै नमः’ का 108 बार जप करना शुभ माना जाता है. मंत्र जाप पूरा होने के बाद इन कौड़ियों को दुकान के धन स्थान, कैश बॉक्स या लॉकर में रख दें. वहीं नौकरी करने वाले लोग इन कौड़ियों को पीले कपड़े में बांधकर अपने ऑफिस डेस्क पर रख सकते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से करियर और व्यापार में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और धन लाभ के नए रास्ते खुलते हैं.
दरिद्रता और नकारात्मकता दूर करने का उपाय
मान्यता है कि कई बार नकारात्मक ऊर्जा और अशुभ प्रभाव जीवन में आर्थिक परेशानियों का कारण बनते हैं. ऐसे में अधिक मास पूर्णिमा की रात 9 कौड़ियां लेकर उन्हें हल्दी और केसर के घोल में भिगो देना चाहिए. इसके बाद इन कौड़ियों को एक साफ कपड़े में बांधकर घर के मुख्य द्वार पर लटका दें. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इससे घर की नकारात्मकता दूर होती है और सुख-समृद्धि का आगमन होता है. कहा जाता है कि इस उपाय से माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में धन-धान्य की कमी दूर होने लगती है.
अधिक मास पूर्णिमा क्यों मानी जाती है खास?
अधिक मास को हिंदू धर्म में भगवान विष्णु का प्रिय महीना माना जाता है. इस दौरान किए गए पूजा-पाठ, दान-पुण्य और धार्मिक कार्यों का विशेष महत्व बताया गया है. पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा अपनी पूर्ण कला में होता है, इसलिए इस दिन मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक लाभ की प्राप्ति भी मानी जाती है. यही वजह है कि अधिक मास की पूर्णिमा पर माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा को विशेष फलदायी माना जाता है. हालांकि ये सभी बातें धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित हैं. इन्हें श्रद्धा और आस्था के दृष्टिकोण से देखा जाता है.
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और पंचांग आधारित सूचनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.
यह भी पढ़े: धन से नहीं, उसके सदुपयोग से मिलता है सुख: दिव्य मोरारी बापू