Dhanteras 2025: धनतेरस पर क्यों है झाड़ू खरीदने की परंपरा, जानिए इसके पीछे की वजह

Divya Rai
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Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Dhanteras 2025: हिन्दू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है. धनतेरस के पर्व का विशेष महत्व है. इस खास दिन पर भगवान धन्वंतरि के साथ मां लक्ष्मी और कुबेर देवता की पूजा की जाती है. धनतेरस के दिन सोना चांदी और पीतल खरीदना शुभ माना जाता है. हालांकि मान्यता है कि इसी के साथ इस दिन झाड़ू भी खरीदी जाती है, जिसे शुभ माना जाता है. आइए आपको बताते हैं इस विशेष दिन पर झाड़ू खरीदने का मुख्य कारण क्या है…

Dhanteras 2025 पर क्यों खरीदी जाती है झाड़ू

धनत्रयोदशी के विशेष अवसर पर सोना चांदी खरीदने का महत्व है. वहीं, इस इस दिन झाड़ू खरीदने का भी विशेष महत्व है. अगर मत्स्य पुराण की मानें तो झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है. कहा जाता है धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने से घर की बरकत बनी रहती है. वहीं, इस विशेष दिन पर फूल और सीक वाली झाड़ू खरीदने का विधान है.

झाड़ू खरीदने के बाद करें ये उपाय

धन त्रयोदशी के दिन झाड़ू खरीदने के साथ ही उस पर सफेद रंग का धागा जरूर बांध दें. ऐसा माना जाता है कि धागा बांधने से मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है. हालांकि इस बात का खास ध्यान दें कि झाड़ू को साफ हाथों से ही छुएं.

इन बातों का रखें ध्यान

झाड़ू खरीदने से लेकर झाड़ू रखने तक के कई नियम बताए गए हैं. ऐसी मान्यता है कि झाड़ू को कभी भी खड़ा कर के नहीं रखना चाहिए. झाड़ू खड़ा कर के रखना काफी अशुभ माना जाता है. कोशिश यही की जानी चाहिए कि झाड़ू हमेशा ऐसी जगह पर हो जहां से वो किसी की नजर में ना आए.

धनतेरस के दिन कहां रखें पुरानी झाड़ू

शास्त्रों के अनुसार पुरानी झाड़ू घर में होने से नकारात्मक उर्जा का प्रवाह होता है. इतना ही नहीं इससे आर्थिक स्थिति पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है. इस वजह से धनतेरस के दिन पुरानी झाड़ू को घर में उचित स्थान पर छुपा कर रख दें.

(Disclaimer: लेख में दी गई जानकारी सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. द प्रिंटलाइंस इसकी पुष्टी नहीं करता है.)

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