Ganeshotsav 2026: इस बार 10 नहीं 12 दिनों का होगा गणेशोत्सव, जानें क्यों बढ़ा समय

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Ganeshotsav 2026:  2026 का गणेशोत्सव गणपति बप्पा के भक्तों के लिए बेहद खास होने वाला है. आमतौर पर गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक गणेशोत्सव करीब 10 दिनों का माना जाता है, लेकिन इस बार बप्पा की पूजा के लिए 12 दिन का समय मिलने वाला है. चंद्र पंचांग की तिथि गणना के कारण इस बार गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक की अवधि सामान्य वर्षों से अलग है और ऐसा संयोग 9 साल बाद बना है.

14 सितंबर को गणेश चतुर्थी

भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि की शुरुआत: 14 सितंबर, सुबह 05 बजकर 22 मिनट से
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि का समापन: 15 सितंबर, सुबह 07 बजकर 14 बजे मिनट तक
ऐसे में उदिया तिथि को मानते हुए गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर दिन सोमवार को मनाया जाएगा.

गणेश पूजा मुहूर्त 2026

गणेश स्थापना का अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:09 से 12:58 तक
गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त: दोपहर 11:20 से 01:48 तक
शाम को पूजा के लिए गोधूलि मुहूर्त: 06:42 से 07:05 तक

12 दिन का गणेशोत्सव क्यों?

बता दें कि हिंदू पंचांग में तिथियों की गणना चंद्रमा की गति के आधार पर होती है. दरअसल, चंद्र पंचांग में तिथियां हमेशा 24 घंटे की अवधि में नहीं होतीं. चंद्रमा की गति के कारण कभी कोई तिथि कम समय के लिए रहती है तो कभी तिथि की अवधि बढ़ जाती है, जिससे सूर्योदयकालीन तिथि की गणना का भी पर्वों की तारीखों पर प्रभाव पड़ता है. और इसी तिथि गणना के कारण इस साल गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी के बीच की कुल अवधि 12 कैलेंडर दिनों की हो रही है. इसलिए इस बार गणपति उत्सव सामान्य 10 दिनों की तुलना में लंबा चलेगा.

14 सितंबर को होगी गणेशजी की स्थापना

बता दें कि गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर को मनाया जाएगा. इसी दिन घरों, पंडालों और सार्वजनिक स्थानों पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाएगी. इसके बाद अगले 12 दिनों तक भक्त गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना, आरती, भजन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान करेंगे. गणेशजी को विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता माना जाता है. ऐसे में उनकी श्रद्धापूर्वक पूजा करने से जीवन के संकट और बाधाएं दूर होती हैं तथा घर में सुख-समृद्धि आती है.

25 सितंबर को होगा गणपति विसर्जन

12 दिनों तक चलने वाले इस विशेष गणेशोत्सव का समापन 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी के दिन होगा. इसी दिन श्रद्धालु पूरे भक्तिभाव के साथ गणपति बप्पा को विदाई देंगे और उनकी प्रतिमा का विसर्जन करेंगे. ध्यान देने वाली बात यह है कि 14 सितंबर से 25 सितंबर तक स्थापना और विसर्जन दोनों दिनों को मिलाकर कुल 12 कैलेंडर दिन बनते हैं. यानी इस बार भक्तों को बप्पा की पूजा और आराधना के लिए सामान्य से अधिक समय मिलेगा.

9 साल बाद आया ऐसा मौका

साल 2017 के बाद 2026 में दोबारा 12 दिनों का गणेशोत्सव पड़ना इसे और खास बना रहा है. गणपति भक्तों के लिए यह केवल लंबा उत्सव ही नहीं, बल्कि बप्पा की भक्ति और आराधना का अतिरिक्त अवसर भी है. ऐसे में इस बार गणपति बप्पा मोरया के जयघोष के साथ गणेशोत्सव का उत्साह 12 दिनों तक देखने को मिलेगा. 14 सितंबर को स्थापना से शुरू होकर 25 सितंबर को विसर्जन तक चलने वाला यह गणेशोत्सव धार्मिक और पंचांग की दृष्टि से विशेष माना जा रहा है.
Latest News

India Renewable Energy: स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की बड़ी उपलब्धि, क्षमता 300 GW के पार; 2030 तक 530 GW का अनुमान

India Renewable Energy: भारत वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा बाजार में तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रहा है. देश में...

More Articles Like This

Exit mobile version