Hindu New Year 2024: कब से शुरू होगा हिंदू नववर्ष? जानें शुभ तिथि, मुहूर्त और शुभ योग

Raginee Rai
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Hindu New Year 2024: अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक नए साल की शुरुआत 1 जनवरी से होती है. लेकिन हिंदू नववर्ष चैत्र मास से शुरू होती है. हिंदी कैलेंडर में भी बारह महीने होते है. यह चैत्र माह की नवरात्रि से शुरू होता है. फाल्गुन माह हिंदू कैलेंडर का आखिरी महीना होता है. ज्‍योतिष शास्‍त्र के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है. हिंदू नववर्ष को विक्रम संवत्‍सर, विक्रम संवत्, गुड़ी पडवा, युगादि के नाम से भी जानते हैं. वहीं इस साल नववर्ष पर सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्ध योग के साथ कई सारे शुभ योग बन रहे हैं. ऐसे में आइए जानें हिंदू नववर्ष 2024 की डेट और समस्‍त अहम जानकारी

कब से शुरू होगा नववर्ष

वैदिक पंचांग के मुताबिक, इस साल हिंदू नववर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का आरंभ 8 अप्रैल दिन सोमवार रात्रि 11 बजकर 50 मिनट से हो रहा है. प्रतिपदा तिथि की समाप्ति 9 अप्रैल 2024 दिन मंगलवार को रात 8:30 बजे पर होगी. उदया तिथि के अनुसार, 9 अप्रैल से नववर्ष शुरू होगा.

इस शुभ योग में होगा नववर्ष की शुरुआत

पंचांग के अनुसार, नववर्ष के पहले दिन अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग का बन रहा है. इस ति‍थि को रेवती नक्षत्र और अश्विनी नक्षत्र है. सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग 9 अप्रैल को सुबह 7:32 बजे होगा. दोनों शुभ योग की समाप्ति अगले दिन यानी 10 अप्रैल को सुबह 5: 06 मिनट तक रहेगा.

इस दिन वैधृति योग भी बन रहा है. हिंदू पंचांग के अनुसार, 9 अप्रैल को सुबह से लेकर दोपहर 2 बजकर 18 मिनट तक वैधृत योग रहेगा. उसके बाद विष्कम्भ योग का बनेगा. नक्षत्र की बात करें तो रेवती नक्षत्र सुबह के 7:32 बजे तक रहेगा. इसके साथ ही अश्विनी नक्षत्र 10 अप्रैल को सुबह 5:06 बजे तक है.

हिंदू नववर्ष विक्रम संवत्सर 2081

पंचांग के अनुसार, साल 2024 का हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2081 होगा. बता दें कि इसे विक्रम संवत 2081 को पिङ्गल से नाम से जाना जाएगा. 9 अप्रैल से विक्रम संवत 2081 शुरू हो जाएगा. वर्ष 2024 संवत के राजा मंगल और मंत्री शनि होंगे.

ज्‍योतिष शास्‍त्रों की मानें तो हिंदू नए साल की शुरुआत चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने कराया था. हिंदू नववर्ष के प्रत्येक माह में दो पक्ष कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष होते हैं. माह के प्रतिपदा तिथि से अमावस्या तिथि को कृष्ण पक्ष कहा जाता हैं. इसके साथ ही प्रतिपदा से पूर्णिमा तिथि को शुक्ल पक्ष कहा जाता है.

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