जितिया व्रत के दिन संतान से करवाएं ये काम, मिलेगा सुख-समृद्धि और सौभाग्य का आशीर्वाद

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Jitiya Vrat: हिंदू धर्म में जितिया या जीवित्पुत्रिका व्रत बहुत ही खास माना जाता है. इस दिन माताएं अपने बच्चों की सुख समृद्धि और अच्छे भविष्य की कामना में व्रत करती हैं.इस व्रत को करने की परंपरा सदियों पुरानी है और इसमें माताएं निर्जला व्रत करते हुए पूजा करती हैं और बच्चों की कुशलता की कामना करती हैं. इस दिन राजा जीमूतवाहन की पूजा का विधान है.

बता दें कि यह पर्व एक या दो नहीं बल्कि तीन दिनों तक चलता है. इसके पहले दिन नहाय खाय की रस्म होती है जिसमें माताएं पवित्र नदी में या गंगाजल से स्नान करती हैं और फिर शुद्ध शाकाहारी भोजन से व्रत की शुरुआत करती हैं.उसके अगले दिन निर्जला उपवास होता है और तीसरे दिन सूर्योदय के बाद सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है. वहीं, इस दिन संतान के द्वारा किए गए कुछ कामों से उनके ऊपर सदैव ईश्वरीय कृपा बनी रहती है. ऐसे में चलिए जानते है उन उपायो के बारे में….

सूर्य देव को दें अर्घ्य

जितिया व्रत के दिन यदि बच्चे सुबह स्नान आदि से मुक्त होकर सूर्य देव को अघ्य दें, तो उनकी बुद्धि अच्छी बनी रहेगी. यही नहीं इससे उनकी सेहत भी अच्छी रहेगी और उनके जीवन में आने वाली छोटी-बड़ी समस्याओं का हल मिलेगा. वहीं, घर के बड़ों के साथ बच्चों को भी इस दिन सूर्य देव की पूजा करनी चाहिए और उन्हें अर्घ्य देना चाहिए. साथ ही, ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप बच्चे से कम से कम 11 बार जरूर करवाएं.

नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर करें स्नान 

इस व्रत के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है, लेकिन ऐसा करना सभी के लिए संभव नहीं हो तो आप बच्चे के स्नान के पानी में गंगाजल की कुछ बूंदें मिलाकर उसी पानी से स्नान करवाएं, इससे कई रोग-दोष दूर होंगे और बच्चे को अच्छी बुद्धि और शक्ति का आशीर्वाद मिलेगा. इस दिन गंगाजल से स्नान करने से शरीर और मन की कई समस्याएं दूर हो सकती हैं.

घर के बड़ों का लें आशीर्वाद 

जितिया व्रत में मुख्य रूप से राजा जीमूतवाहन की पूजा का विधान है और ऐसा कहा जाता है कि उन्होंने नागवंश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की बलि तक दी थी.आज भी इस व्रत के दिन यदि माताएं और बच्चे दोनों राजा जीमूतवाहन की पूजा करते हैं तो उनकी कृपा से बच्चों को दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है. इस दिन बच्चों के लिए जरूरी होता है कि वो घर के सभी बड़ों का आशीर्वाद लें. ऐसा करने से उन्हें अच्छी सेहत और बुद्धि का आशीर्वाद मिलता है.

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