CEC Gyanesh Kumar: देश की राजधानी दिल्ली में इन दिनों माहौल गर्म है. विपक्ष सड़क पर उतर कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रहा है. इस बीच देश के 42 पूर्व जजों ने एक खुला खत लिखकर चुनाव आयोग को कमजोर करने की कोशिशों के खिलाफ चेतावनी दी है. इन पूर्व जजों ने बिना किसी सबूत के ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि संवैधानिक संस्थाओं को बार-बार ‘चोर’ और ‘मिलीभगत वाला’ बताना लोकतंत्र में जनता के भरोसे को कम कर सकता है. वहीं तीन पूर्व जजों ने भी इस प्रदर्शन की मंशा पर ही सवाल उठाए हैं.
दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस एसएन ढींगरा
दरअसल, विपक्ष ने कहा है कि यह सविनय अवज्ञा आंदोलन हैं, लेकिन उसके आंदोलन में विनय के साथ विनय नहीं दिखाई दे रहा है. उन्होंने कहा कि विपक्ष के आंदोलन में विनय है ही नहीं, बल्कि विपक्ष के आंदोलन में जोर-जबरदस्ती है. विपक्ष केवल कानून तोड़ रहा है और यहां तक कि प्रदर्शन के दौरान मोदी समर्थक को पीट भी दिया जा रहा है.उनका कहना था कि विपक्ष का अधिकार है विरोध करना है. अगर आपको विरोध करना है तो लोकसभा में करिए. वहां विरोध क्यों नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, अगर उन्हें विरोध ही करना है तो सुप्रीम कोर्ट जाकर बहस करे.
बूथ लूटने की इजाजत मांग रहा विपक्ष
दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने कहा संसद उसी संविधान से बनी है, जिसे उछाल-उछाल कर विपक्ष के नेता कह रहे हैं कि हम संविधान बचा रहे हैं. अगर यही हाल रहा तो आप कल संसद के चुनाव को भी नहीं मानेंगे. उन्होंने कहा कि विपक्ष मांग कर रहा है कि बैलेट पेपर से चुनाव कराया जाए. उन्होंने कहा कि विपक्ष दरअसल बूथ लूटने की इजाजत मांग रहा है. उन्होंने विपक्ष के आंदोलन को गुंडागर्दी बताया.
जस्टिस ढींगरा ने कहा कि विपक्ष आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहा है. लेकिन कल सीजेआई ने उसके नेताओं के खिलाफ कोई फैसला सुना दिया तो वे उनसे भी इस्तीफा मांगने लगेंगे. उन्होंने सवाल उठाया कि ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा तो मांगा जा रहा है, लेकिन उनके पास ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कोई सबूत है क्या.