Kitchen Vastu : रसोई घर का सबसे महत्वपूर्ण स्थान होता है. ऐसे में अगर ये ही गलत दिशा में होती है तो घर के अंदर दरिद्रता और बीमारियां कोसों दूर से भी खिची चली आती हैं. हालांकि वास्तु शास्त्र में किचन से लेकर बाथरूम तक की दिशा का विस्तार से उल्लेख मिलता है. आमतौर पर लोग यह जानते हैं कि अग्नि कोण में किचन का होना सबसे शुभ है, लेकिन वास्तुशास्त्र में इसके 5 और स्थान भी बताएं गए हैं, जिन्हें कम ही लोग जानते हैं.
Kitchen Vastu :आपको कंगाल कर सकता है किचन का गलत दिशा में होना, जानिए क्या है सही डायरेक्शन
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ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि ज्योतिष के अंतर्गत आने वाला वास्तु शास्त्र एक विज्ञान है. उनके मुताबिक, वास्तुशास्त्र के दो रूप हैं, पहला आधुनिक वास्तुशास्त्र और दूसरा शास्त्रीय वास्तुशास्त्र. वर्तमान समय में लोग आधुनिक वास्तुशास्त्र पर ज्यादा आधारित हैं, लेकिन शास्त्रीय वास्तुशास्त्र में घर की अलग-अलग जगहों के स्थान से जुड़े कई रहस्य छिपे हुए हैं.
शास्त्रीय वास्तुशास्त्र में घर के किचन के लिए अग्नि कोण के बजाय 5 और महत्वपूर्ण स्थान बताएं गए हैं. आप अपने घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा के दूसरे स्थान पर भी किचन का निर्माण करा सकते हैं, जो आपके तरक्की के राह को आसान बनाएगा. इसके अलावा, आप पूर्व दिशा के मध्य में जो सूर्य का स्थान होता है, उस जगह पर भी किचन का निर्माण करा सकते हैं. वहीं, दक्षिण दिशा के मध्य भाग को में भी किचन बनवा सकते हैं. इससे आपके घर माता अन्नपूर्णा और मां लक्ष्मी का वास होगा. यह आपकी उन्नति की राह को भी प्रशस्त करेगा.
इसके अलावा, पश्चिम के मध्य में तरुण के पद में भी आप अपने घर पर किचन का निर्माण करा सकते हैं. यह भी आपके सौभाग्य का सूचक बनेगा. वायव्य कोण का स्थान भी भोजनालय के लिए ही होता है, इससे भी आपके घर में बीमारियों दूर रहेंगी और पूरे घर में पॉजिटिव ऊर्जा का संचार हमेशा बना रहेगा.

