UPI Payment Rules: यूपीआई से पेमेंट करते समय भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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UPI Payment Rules: आज के समय में डिजिटल भुगतान हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. चाय की दुकान से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल तक, कुछ ही सेकंड में यूपीआई के जरिए भुगतान किया जा सकता है. लेकिन सुविधा के साथ सावधानी रखना भी बेहद जरूरी है. जरा सी जल्दबाजी या लापरवाही के चलते गलत खाते में पैसे भेजे जा सकते हैं या साइबर ठगी का शिकार होना पड़ सकता है. अगर आप भी रोजाना यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं, तो कुछ जरूरी बातों का हमेशा ध्यान रखें. आइए जानते हैं यूपीआई से भुगतान करते समय किन गलतियों से बचना चाहिए.

पैसे भेजने से पहले UPI ID और नाम जरूर जांचें

किसी को यूपीआई से पैसे भेजते समय जल्दबाजी न करें. भुगतान करने से पहले प्राप्तकर्ता का नाम और यूपीआई आईडी अच्छी तरह जांच लें. खासकर बड़ी रकम भेजते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है. गलत यूपीआई आईडी या गलत व्यक्ति को भुगतान हो जाने पर रकम वापस हासिल करना मुश्किल हो सकता है. इसलिए भुगतान की पुष्टि करने से पहले स्क्रीन पर दिखाई दे रहे प्राप्तकर्ता के नाम को जरूर जांचें.

UPI PIN किसी के साथ साझा न करें

आपका यूपीआई पिन बेहद गोपनीय जानकारी है. इसे किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए. बैंक कर्मचारी, ग्राहक सेवा प्रतिनिधि या कोई दुकानदार आपसे यूपीआई पिन मांगने का अधिकार नहीं रखता. अगर कोई फोन या संदेश के जरिए खुद को बैंक अधिकारी बताकर आपका यूपीआई पिन मांगता है, तो सावधान हो जाएं. पिन साझा करने पर आपके खाते से अनधिकृत लेन-देन का खतरा बढ़ सकता है.

पैसे प्राप्त करने के लिए UPI PIN की जरूरत नहीं

यूपीआई को लेकर एक आम गलतफहमी यह भी है कि पैसे प्राप्त करने के लिए यूपीआई पिन डालना पड़ता है. ऐसा नहीं है. आम तौर पर पैसे प्राप्त करने के लिए आपको अपना यूपीआई पिन दर्ज करने की जरूरत नहीं होती. यदि कोई व्यक्ति पैसे भेजने के नाम पर आपको कोई अनुरोध स्वीकार करने या पिन दर्ज करने के लिए कह रहा है, तो पहले अच्छी तरह जांच करें कि आप वास्तव में किस लेन-देन को मंजूरी दे रहे हैं.

अनजान QR Code को बिना जांचे स्कैन न करें

कैशबैक, रिफंड, इनाम या लॉटरी जैसे लालच देकर लोगों को फर्जी क्यूआर कोड या संदिग्ध लिंक भेजे जा सकते हैं. ऐसे मामलों में विशेष सावधानी बरतें. किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर बिना जांचे क्लिक न करें और किसी अज्ञात क्यूआर कोड को भी आंख मूंदकर स्कैन न करें. क्यूआर कोड स्कैन करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि भुगतान किस व्यक्ति या व्यापारी को जा रहा है.

फोन और UPI ऐप को सुरक्षित रखें

अपने स्मार्टफोन और यूपीआई ऐप को हमेशा सुरक्षित रखें. फोन में मजबूत स्क्रीन लॉक और, जहां उपलब्ध हो, ऐप लॉक जैसी सुरक्षा सुविधाओं का इस्तेमाल करें. इसके अलावा, फोन के सॉफ्टवेयर और यूपीआई ऐप को समय-समय पर अपडेट करते रहें. अपडेट में सुरक्षा से जुड़े सुधार भी शामिल हो सकते हैं, जिससे नए साइबर खतरों से बचाव में मदद मिलती है. यूपीआई जितना सुविधाजनक है, उतना ही जरूरी है कि इसका इस्तेमाल सावधानी से किया जाए. भुगतान करने से पहले प्राप्तकर्ता की जानकारी जांचना, यूपीआई पिन गोपनीय रखना और अनजान लिंक या क्यूआर कोड से दूरी बनाना डिजिटल ठगी के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है.

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