17 August 2026 Ka Panchang: 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी का पावन पर्व मनाया जाएगा. हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाने की परंपरा है. इस दिन नाग देवता की पूजा के साथ भगवान शिव की आराधना का भी विशेष महत्व माना जाता है. इस बार नाग पंचमी के दिन सावन सोमवार का संयोग भी बन रहा है, ऐसे में शिव और नाग देवता की पूजा को विशेष शुभ माना जा रहा है. अगर आप 17 अगस्त को नाग पंचमी का व्रत और पूजा करने की तैयारी कर रहे हैं, तो तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय जानना जरूरी है. आइए जानते हैं 17 अगस्त 2026 का पूरा पंचांग…
17 अगस्त 2026 का पंचांग
- श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि: 17 अगस्त को शाम 5 बजकर 1 मिनट तक.
- शुभ योग: 17 अगस्त को देर रात 3 बजकर 30 मिनट तक.
- चित्रा नक्षत्र: पूरे दिन और रात के बाद भोर 4 बजकर 59 मिनट तक.
- विशेष पर्व: नाग पंचमी.
- ग्रह गोचर: 17 अगस्त को सूर्य अपनी स्वराशि सिंह में गोचर करेंगे.
17 अगस्त 2026 के शुभ मुहूर्त
नाग पंचमी के दिन पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों के लिए कई शुभ समय बताए गए हैं. पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं.
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:50 बजे से 5:35 बजे तक.
- प्रातः संध्या: सुबह 5:13 बजे से 6:20 बजे तक.
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:17 बजे से 1:08 बजे तक.
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:50 बजे से 3:41 बजे तक.
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 7:05 बजे से 7:27 बजे तक.
- सायाह्न संध्या: शाम 7:05 बजे से 8:12 बजे तक.
- अमृत काल: रात 10:16 बजे से 11:57 बजे तक.
नाग पंचमी पर राहुकाल का समय
राहुकाल में शुभ कार्य करने से बचने की धार्मिक मान्यता है. अलग-अलग शहरों में सूर्योदय के समय में अंतर होने के कारण राहुकाल का समय भी अलग रहता है.
- दिल्ली: सुबह 7:30 बजे से 9:08 बजे तक.
- मुंबई: सुबह 7:56 बजे से 9:31 बजे तक.
- चंडीगढ़: सुबह 7:29 बजे से 9:08 बजे तक.
- लखनऊ: सुबह 7:17 बजे से 8:55 बजे तक.
- भोपाल: सुबह 7:34 बजे से 9:10 बजे तक.
- कोलकाता: सुबह 6:51 बजे से 8:27 बजे तक.
- अहमदाबाद: सुबह 7:53 बजे से 9:30 बजे तक.
- चेन्नई: सुबह 7:31 बजे से 9:05 बजे तक.
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय- सुबह 05:50 बजे
- सूर्यास्त- शाम 06:59 बजे
नाग पंचमी व्रत का महत्व
हिंदू धर्म में नाग पंचमी को प्रमुख त्योहारों में से एक माना जाता है. इस दिन नाग देवता की पूजा करने की परंपरा है. मान्यता है कि नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा करने से कालसर्प दोष से राहत मिल सकती है. इस बार नाग पंचमी पर सावन सोमवार का संयोग भी बन रहा है. ऐसे में नाग देवता के साथ भगवान शिव की पूजा का भी विशेष महत्व बताया जा रहा है. धार्मिक मान्यता के अनुसार शिव आराधना करने से जीवन में सुख-शांति आती है. नाग पंचमी के दिन भक्त नाग देवता की पूजा करने के साथ भगवान शिव का अभिषेक और पूजन भी कर सकते हैं. माना जाता है कि इस तरह की पूजा से भगवान शिव और नाग देवता की कृपा प्राप्त होती है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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