Ganeshotsav 2026: 2026 का गणेशोत्सव गणपति बप्पा के भक्तों के लिए बेहद खास होने वाला है. आमतौर पर गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक गणेशोत्सव करीब 10 दिनों का माना जाता है, लेकिन इस बार बप्पा की पूजा के...
Aaj Ka Rashifal, 13 September 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में कुल 12 राशियों का वर्णन हैं. हर राशि का अपना स्वामी ग्रह होता है. ग्रह नक्षत्रों के चाल के आधार पर ज्योतिष हमारे दैनिक, साप्ताहिक और मासिक राशिफल का आकलन...
आज 13 सितंबर 2026 को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि और रविवार का दिन है. आज हस्त नक्षत्र, शुक्ल योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और रवि योग बन रहे हैं. जानें आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय.
13 सितंबर की देर रात चंद्रमा कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस गोचर से मिथुन, धनु और कुंभ राशि के जातकों को आर्थिक लाभ, करियर में सफलता और कई सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं.
घर के मुख्य दरवाजे पर नेमप्लेट लगाते समय वास्तु के अनुसार उसके मैटेरियल और दिशा का ध्यान रखा जाता है. जानिए लकड़ी, मेटल और पत्थर की नेमप्लेट के लिए कौन सी दिशाएं शुभ मानी जाती हैं और इससे जुड़ी वास्तु मान्यताएं क्या हैं.
Hartalika Teej 2026: हिंदू धर्म में हरतालिका तीज का विशेष महत्व है. इस दिन सुहागिन स्त्रियां अपने पति के दीर्घायु के लिए और कुंवारी लड़कियां मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए तीज का व्रत रखती हैं. धार्मिक मान्यतानुसार जो...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, प्रकाश धीरे-धीरे होता है जबकि अंधेरा तत्काल हो जाता है। सुबह में सूर्य भगवान् पूर्व दिशा में उगते हैं। प्रकाश तो केवल पूर्व दिशा से आता है लेकिन अंधकार दसों...
13 सितंबर 2026 को बुध उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र से निकलकर हस्त नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. बुध के इस नक्षत्र परिवर्तन से वृषभ, मिथुन और सिंह राशि के जातकों को करियर, धन और पारिवारिक जीवन में शुभ परिणाम मिलने के योग हैं.
Aaj Ka Rashifal, 12 September 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में कुल 12 राशियों का वर्णन हैं. हर राशि का अपना स्वामी ग्रह होता है. ग्रह नक्षत्रों के चाल के आधार पर ज्योतिष हमारे दैनिक, साप्ताहिक और मासिक राशिफल का आकलन...
ऋषि पंचमी का पर्व 15 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा. इस दिन सप्तऋषियों की पूजा करने की परंपरा है. जानें महिलाओं के लिए इस व्रत का महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त.