24 August 2026 Ka Panchang: साेमवार का पंचांग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

24 August 2026 Ka Panchang: 24 अगस्त 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है. कल श्रावण शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि और सोमवार का दिन है. खास बात यह है कि 24 अगस्त को सावन का चौथा और आखिरी सोमवार पड़ रहा है. भगवान शिव की आराधना के लिए सावन सोमवार का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन कई शुभ योग और नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है.

पंचांग के अनुसार, द्वादशी तिथि 24 अगस्त को पूरे दिन और पूरी रात के बाद 25 अगस्त की सुबह 6 बजकर 21 मिनट तक रहेगी. वहीं, आयुष्मान योग भी पूरे दिन-रात के बाद 25 अगस्त की सुबह 7 बजकर 41 मिनट तक रहेगा. इसके अलावा पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र 24 अगस्त की रात 8 बजकर 28 मिनट तक रहेगा. ऐसे में पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए दिन के मुहूर्त और राहुकाल का ध्यान रखना जरूरी होगा.

24 अगस्त 2026 का पंचांग

  • तिथि: श्रावण शुक्ल पक्ष की द्वादशी, 25 अगस्त सुबह 6:21 बजे तक
  • वार: सोमवार
  • आयुष्मान योग: 25 अगस्त सुबह 7:41 बजे तक
  • पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र: 24 अगस्त रात 8:28 बजे तक
  • विशेष: सावन का चौथा और आखिरी सोमवार

24 अगस्त के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:27 बजे से 5:11 बजे तक
  • प्रातः सन्ध्या: सुबह 4:49 बजे से 5:55 बजे तक
  • अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:57 बजे से दोपहर 12:49 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 2:33 बजे से 3:24 बजे तक
  • अमृत काल: दोपहर 3:07 बजे से शाम 4:54 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:52 बजे से 7:14 बजे तक
  • सायाह्न सन्ध्या: शाम 6:52 बजे से 7:58 बजे तक

अलग-अलग शहरों में राहुकाल

  • दिल्ली: सुबह 7:32 बजे से 9:09 बजे तक
  • मुंबई: सुबह 7:57 बजे से 9:31 बजे तक
  • चंडीगढ़: सुबह 7:32 बजे से 9:10 बजे तक
  • लखनऊ: सुबह 7:19 बजे से 8:55 बजे तक
  • भोपाल: सुबह 7:35 बजे से 9:11 बजे तक
  • कोलकाता: सुबह 6:52 बजे से 8:28 बजे तक
  • अहमदाबाद: सुबह 7:55 बजे से 9:30 बजे तक
  • चेन्नई: सुबह 7:31 बजे से 9:04 बजे तक

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

  • सूर्योदय: सुबह 5:55 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 6:52 बजे

आयुष्मान योग और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का महत्व

24 अगस्त को आयुष्मान योग और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र रहेगा. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, आयुष्मान योग में किए गए कार्यों का शुभ प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की मान्यता है.वहीं, पूर्वाषाढ़ा 27 नक्षत्रों में 20वां नक्षत्र माना जाता है और इसके स्वामी शुक्राचार्य बताए गए हैं. पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में जल की उपासना का भी विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन जल को व्यर्थ बहाने से बचने की सलाह दी जाती है. पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के चारों चरण धनु राशि में आते हैं, इसलिए इसकी राशि धनु मानी जाती है. इस नक्षत्र में जन्मे जातकों के लिए इससे संबंधित जलवेतस यानी केन के पेड़ की उपासना और सेवा करने की मान्यता बताई गई है.

सावन का चौथा और आखिरी सोमवार

24 अगस्त को सावन का चौथा और आखिरी सोमवार होने के कारण भगवान शिव की पूजा के लिए भी यह दिन विशेष माना जा रहा है. श्रद्धालु इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना कर सकते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार भगवान शिव को समर्पित होता है और इस दिन शिव आराधना का विशेष महत्व माना जाता है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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