सावन के पहले सोमवार को बन रहें 4 शुभ योग, जानें जलाभिषेक मुहूर्त और शिव पूजा का शुभ समय

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Pehla Sawan Somwar 2026: आज से भगवान शिव के प्रिय माह सावन की शुरूआत हो गई है. सावन के महिने में सोमवार व्रत का विशेष महत्व है, इस वजह से लोग सावन सोमवार व्रत रखकर भोलेनाथ की पूजा करते हैं. इस बार श्रावण मास में 4 सावन सोमवार व्रत होंगे. इस साल पहले सावन सोमवार पर 4 शुभ योग बन रहे हैं. जो लोगों के लिए शुभ फलदायी हैं. इस दिन शिव मंदिरों में जलाभिषेक और शिव पूजा के लिए काफी संख्या में भक्त पहुंचेंगे.

4 शुभ योग में पहला सावन सोमवार

वैदिक पंचांग के अनुसार, श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को पहला सावन सोमवार है. उस दिन हंसराज योग, सुकर्मा योग, धृति योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बनेंगे.
  • हंसराज योग: पंच महापुरुष योगों में से एक होता है. इस समय गुरु ग्रह अपनी उच्च राशि कर्क में विराजमान हैं, जिसकी वजह से हंसराज योग बना है. इस राजयोग की वजह से व्य​क्ति को ज्ञान, पद, प्रतिष्ठा और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.
  • सर्वार्थ सिद्धि योग: पहले सावन सोमवार को सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है. सर्वार्थ सिद्धि योग 00:01 एएम से लेकर सुबह 05 बजकर 44 मिनट तक रहेगा. इस योग में पूजा, जप, तप, दान आदि का पुण्य फल प्राप्त होता है. इसमें किए गए कार्य सफल होते हैं.
  • सुकर्मा योग: पहले सावन सोमवार पर सुकर्मा योग प्रात:काल से लेकर रात 9 बजकर 13 मिनट तक रहेगा. सुकर्मा योग के स्वामी देव इंद्र और ग्रह मंगल हैं. यह शुभता प्रदान करने वाला मंगलकारी योग है. इसमें जो कार्य करते हैं, वो बाधारहित होता है और सफलता मिलती है.
  • धृति योग: पहले सावन सोमवार पर धृति योग रात में 9:13 बजे से पूर्ण रात्रि तक है. यह भी एक शुभ योग है. इसमें नया बिजनेस, भूमि पूजन, मकान की ​नींव डालना, नई वस्तु की खरीदारी करना अच्छा रहता है.

पहले सावन सोमवार को पूरे दिन चोर पंचक

पहले सावन के सोमवार को उत्तर भाद्रपद नक्षत्र प्रात:काल से लेकर रात 10:00 बजे तक है, उसके बाद रेवती नक्षत्र है. पूरे दिन चोर पंचक रहेगा. पहले सावन सोमवार पर आप भगवान शिव का जलाभिषेक दिन में कभी भी कर सकते हैं. लेकिन ब्रह्म मुहूर्त और अभिजीत मुहूर्त अच्छा माना जाता है.
  1. ब्रह्म मुहूर्त: 04:19 एएम से 05:01 एएम
  2. अभिजीत मुहूर्त: 12:00 पीएम से 12:54 पीएम
  3. अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: 05:44 एएम से 07:24 एएम
  4. शुभ-उत्तम मुहूर्त: 09:05 एएम से 10:46 एएम
  5. चर-सामान्य मुहूर्त: 02:08 पीएम से 03:49 पीएम
  6. लाभ-उन्नति मुहूर्त: 03:49 पीएम से 05:30 पी एम
  7. अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: 05:30 पी एम से 07:11 पी एम

शिव पूजा मुहूर्त

सावन के पहले सोमवार को आप जब जलाभिषेक करें, तो उसके साथ ही शिव जी की पूजा कर लें. ऊपर दिए गए मुहूर्त में आप शिव जी की पूजा करें.

सावन सोमवार व्रत का महत्व

सावन सोमवार व्रत करने से महादेव की कृपा प्राप्ति होती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं. जिन लोगों का विवाह नहीं हुआ है, वे लोग सावन सोमवार व्रत मनोवांछित जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए करते हैं. इससे जल्द विवाह के योग बनते हैं.

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