Sawan Somwar 2026: सप्ताह के सातों दिनों का संबंध किसी न किसी देवी-देवता और ग्रह से होता है. ऐसे में आपने गौर किया होगा कि सोमवार के दिन शिव मंदिरों में अन्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ होती है. कहा जाता है कि सोमवार को भगवान शिव की पूजा और व्रत करने से मनोवांछित फल मिलता है. लेकिन ऐसा क्यों कहा जाता है इसके बारे में आपको पता हैं यदि नही, तो चलिए जानते है कि सोमवार के दिन ही भगवान शिव की पूजा क्यों करते हैं? उसमें भी सावन सोमवार हो तो उसका महत्व और भी बढ़ जाता है.
सोमवार से शिवजी का क्या संंबंध है?
सोमवार यानि चंद्रमा का दिन. सोमवार दिन के स्वामी ग्रह चंद्रमा हैं. चंद्रमा को भगवान शिव ने अपने मस्तक पर धारण किया है. दरअसल, एक बार चंद्र देव को उनके ससुर प्रजापित दक्ष ने श्राप दे दिया, जिसकी वजह से वे क्षय रोग से पीड़ित हो गए. इसकी वजह से उनकी कांति खोने लगी. तब उन्होंने स्वयं एक शिवलिंग बनाकर भगवान शिव की पूजा की. प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उनको दर्शन दिया और उनको मृत्यु से बचाया. अपने मस्तक पर धारण किया, जिससे उनकी कांति वापस मिली. तब से भगवान शिव को चंद्रशेखर कहा जाने लगा, उनको सोमनाथ भी कहते हैं. इस घटना की वजह से भगवान शिव का संबंध सोमवार से हो गया. सोमवार को उनकी पूजा की जाने लगी.
सोमवार व्रत का धार्मिक महत्व क्या है?
मन के कारक ग्रह चंद्रमा ने शिव पूजा करके अपने कष्टों से मुक्ति पायी. इसी वजह से लोग सोमवार को व्रत और शिव पूजा करते हैं, ताकि उनके जीवन में भी सुख, शांति और समृद्धि आए. मन एकाग्र हो और शांति मिले. कुंडली के चंद्र दोष को दूर करने के लिए भी सोमवार को शिव जी की पूजा की जाती है.
सोमवार को शिव पूजा करने से क्या फल मिलता है?
जो लोग मनचाहे जीवनसाथी की चाह रखते हैं, उनको सोमवार का व्रत के साथ भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए. कहते है कि 16 सोमवार का व्रत करने से मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता है. यह व्रत युवक और युवती दोनों ही रख सकते हैं. सोमवार व्रत करने से जल्दी विवाह के योग बनते हैं. सावन सोमवार व्रत रखने से भी यही फायदे होते हैं. सावन शिव जी का प्रिय माह है, इसलिए इसका प्रभाव दोगुना हो जाता है.