Shani Amavasya 2026: 10 अक्टूबर 2026, शनिवार को पितृ पक्ष की अमावस्या मनाई जाएगी. इसे सर्वपितृ अमावस्या के साथ शनि अमावस्या भी कहा जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन सूर्य और चंद्रमा की कन्या राशि में युति से अमावस्या योग बनेगा. ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, इस युति का कुछ राशियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. इन राशियों के जातकों को मानसिक तनाव, आर्थिक उतार-चढ़ाव और करियर से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में उन्हें अपने फैसलों और कामकाज में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. आइए जानते हैं किन 3 राशियों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है और किन उपायों को अपनाने की मान्यता है…
1. कन्या राशि (Virgo): स्वास्थ्य और तनाव को लेकर रहें सतर्क
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सूर्य और चंद्रमा की युति कन्या राशि में ही होने जा रही है. इसलिए इस राशि के जातकों पर इसका प्रभाव अधिक रहने की आशंका जताई गई है. इस दौरान मानसिक तनाव बढ़ सकता है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत होगी. अचानक खर्च बढ़ने से आर्थिक बजट भी प्रभावित हो सकता है. ऐसे में जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें और किसी भी महत्वपूर्ण काम को सोच-समझकर पूरा करें.
2. तुला राशि (Libra): खर्चों पर रखें नियंत्रण
तुला राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने का संकेत दे रहा है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस राशि के बारहवें भाव में सूर्य-चंद्रमा की युति होने से मानसिक बेचैनी और खर्चों में बढ़ोतरी की आशंका है. अचानक धन खर्च होने से बजट बिगड़ सकता है. इसलिए निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें और जल्दबाजी से बचें. साथ ही माता-पिता की सेहत का भी ध्यान रखें.
3. मीन राशि (Pisces): साझेदारी और रिश्तों में बरतें सावधानी
मीन राशि के जातकों के सातवें भाव में सूर्य और चंद्रमा की युति होने की ज्योतिषीय गणना बताई गई है. इसे साझेदारी और दांपत्य जीवन के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है. कारोबार में पार्टनर के साथ मतभेद हो सकते हैं और आपसी विश्वास को लेकर परेशानी पैदा हो सकती है. वैवाहिक जीवन में भी छोटी-छोटी बातों पर विवाद होने की आशंका जताई गई है. ऐसे में बातचीत के दौरान संयम रखें और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी बात समझने की कोशिश करें.
शनि अमावस्या पर करें ये उपाय
ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनि अमावस्या पर कुछ उपाय करना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इनसे नकारात्मक प्रभावों को कम करने और मानसिक शांति प्राप्त करने में मदद मिल सकती है.
- पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं: शाम के समय पीपल के नीचे सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाने की परंपरा है.
- शिवलिंग पर जल और दूध चढ़ाएं: भगवान शिव की पूजा कर जल और दूध अर्पित करें.
- मंत्र जाप करें: ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें.
- दान करें: धार्मिक मान्यता के अनुसार, काले तिल और उड़द का दान करना शुभ माना जाता है.
- हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें: श्रद्धालु इनका पाठ कर सकते हैं. मान्यता है कि इससे मन को शांति और साहस मिलता है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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