Surya-Shani Shadashtak Yog: वैदिक ज्योतिष में सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है, जबकि शनि देव को कर्मफलदाता कहा जाता है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूर्य और शनि के बीच शत्रुता का संबंध है. अब 17 अगस्त को इन दोनों ग्रहों की ऐसी स्थिति बनने जा रही है, जिसे षडाष्टक योग कहा जाता है. इस योग का प्रभाव राशि चक्र की कुछ राशियों पर चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है. दरअसल, 17 अगस्त को सूर्य अपनी स्वराशि सिंह में प्रवेश करेंगे, जबकि शनि वर्तमान में मीन राशि में स्थित हैं. ऐसे में दोनों ग्रह एक-दूसरे से छठे और आठवें भाव में होंगे, जिससे षडाष्टक योग का निर्माण होगा. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस योग का प्रतिकूल असर कन्या और मीन राशि के जातकों पर पड़ सकता है. ऐसे में इन दोनों राशियों के लोगों को करियर, धन और रिश्तों से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए 17 अगस्त को सूर्य का गोचर द्वादश भाव में होगा. ज्योतिष में इस भाव को हानि और खर्च से जोड़कर देखा जाता है. वहीं शनि आपके सप्तम भाव में स्थित हैं. सूर्य और शनि की स्थिति के कारण करियर से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है. कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ किसी तरह के विवाद से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा. करियर से जुड़ा कोई भी बड़ा निर्णय जल्दबाजी में लेने के बजाय अच्छी तरह विचार करने के बाद ही लें.
आर्थिक मामलों में भी कन्या राशि के जातकों को सतर्क रहना होगा. इस दौरान उधार देने या लेने से बचना बेहतर माना जा रहा है. पैसों से जुड़ी किसी भी तरह की कागजी कार्रवाई करते समय किसी विश्वसनीय व्यक्ति की मदद लेना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है. पारिवारिक जीवन में भी बातचीत के दौरान अपने शब्दों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा. सप्तम भाव में शनि की स्थिति के कारण जीवनसाथी या पार्टनर के साथ मतभेद होने की आशंका जताई गई है. ऐसे में छोटी बातों को लेकर विवाद बढ़ाने से बचें.
उपाय: कन्या राशि के जातकों को इस दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करने की सलाह दी जाती है.
मीन राशि
मीन राशि में इस समय शनि देव विराजमान हैं. वहीं 17 अगस्त को सूर्य का गोचर आपके छठे भाव में होगा. ज्योतिष में छठे भाव को शत्रु, रोग और संघर्ष से जुड़े मामलों का कारक माना जाता है. सूर्य और शनि की स्थिति के कारण इस राशि के जातकों को विरोधियों और विवादों से सावधान रहने की जरूरत हो सकती है. मीन राशि वालों को इस दौरान बड़ी रकम उधार देने या लेने से बचने की सलाह दी गई है. लापरवाही से किया गया आर्थिक लेन-देन आगे चलकर परेशानी का कारण बन सकता है.
अगर आप किसी निवेश की योजना बना रहे हैं, तो बिना पूरी जानकारी के फैसला लेने के बजाय किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह लेना बेहतर रहेगा. आमदनी की तुलना में खर्च बढ़ने की स्थिति भी बन सकती है, जिसका असर आपकी आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है. इस दौरान मीन राशि के जातकों को अपने गुस्से पर भी नियंत्रण रखना होगा. छोटी बातों पर क्रोध करने से रिश्तों में तनाव पैदा हो सकता है. इसलिए परिवार और करीबी लोगों के साथ बातचीत करते समय संयम बरतना आपके लिए बेहतर रहेगा.
उपाय: मीन राशि के जातकों को भगवान शिव की आराधना करने की सलाह दी जाती है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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