Vastu Tips For Old Baby Items: बच्चों के छोटे या पुराने हो चुके कपड़े, जूते, खिलौने या पालना अक्सर बच्चों से जुड़ी चीजों या यादों को संजोकर रखना भावनाओं से जुड़ा फैसला होता है. लेकिन जब चीजें धीरे-धीरे लगातार बढ़ती जा रही हैं तब मन में सवाल आता है कि आखिर इनका करें क्या. लंबे समय से इन चीजों का इस्तेमाल ना होने की वजह से ये चीजें घर की काफी जगह भी घेर लेती हैं. वहीं, वास्तु शास्त्र में इन चीजों को लेकर कुछ विशेष नियम बताए गए हैं. ऐसे में चलिए जानते हैं कि वास्तु अनुसार बच्चों की पुरानी चीजों का घर में रखना सही है या गलत…
पुराने कपड़े घर में रखना सही है?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, बच्चों के ऐसे पुराने कपड़े जिन्हें लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है, उन्हें घर में अनावश्यक रूप से जमा करके नहीं रखना चाहिए, खासतौर से फटे, गंदे या खराब हो चुके कपड़ों को घर में रखने के बजाय जरूरतमंदों को दे देना बेहतर माना जाता है. इससे घर में अनावश्यक सामान कम होता है और व्यवस्थित वातावरण बना रहता है. हालांकि, बच्चों की यादों से जुड़े अच्छे कपड़े अगर संभालकर रखने हैं तो उन्हें साफ करके, अच्छी तरह मोड़कर किसी सूखे और व्यवस्थित स्थान पर रखा जा सकता है.
पुराने खिलौनों को लेकर क्या है मान्यता?
बच्चों के खिलौनों के मामले में भी यही नियम माना जाता है. टूटे, खराब या लंबे समय से इस्तेमाल में ना आने वाले खिलौनों को घर में जमा करके रखना उचित नहीं माना जाता. वास्तु मान्यताओं में टूटी वस्तुओं को नकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है. इसलिए टूटे खिलौनों की मरम्मत हो सकती है तो उन्हें ठीक करें अन्यथा उन्हें घर से हटा देना बेहतर है. अच्छे और उपयोगी खिलौने छोटे बच्चों को दिए जा सकते हैं या जरूरतमंद बच्चों को दान किए जा सकते हैं.
पालना घर में रखना शुभ या अशुभ?
बच्चे का पालना, जूते भावनात्मक रूप से बेहद खास होता है. वास्तु की मान्यताओं में इस्तेमाल ना होने वाले पालने को लंबे समय तक घर के किसी कोने में धूल खाते हुए रखने से बचने की सलाह दी जाती है. अगर पालना भविष्य में दोबारा इस्तेमाल करना है, तो उसे साफ करके सुरक्षित और सूखी जगह पर रखें. पालने को कबाड़, टूटे सामान या गंदगी के बीच रखना उचित नहीं माना जाता. अगर उसका इस्तेमाल नहीं होना है तो जरूरतमंद परिवार को देना एक अच्छा विकल्प हो सकता है.
बच्चों का कोई भी सामान
वास्तु शास्त्र के नियम हर उस चीज पर लागू होते हैं, जो घर में है. अगर बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी चीजें या खराब स्ट्रोलर, जूते-चप्पल यूं ही पड़े हुए हैं और धूल खा रहे हैं तो वास्तु के अनुसार इन चीजों को घर पर रखना अशुभ माना जाता है. वास्तु के अनुसार घर में अव्यवस्थित चीजें या फिर यूं ही पड़ी चीजें नकारात्मक ऊर्जा लाती हैं और सकारात्मक ऊर्जा को बाधित करती हैं, जिससे घरवालों को मानसिक तनाव, विवाद, हानि आदि का सामना करना पड़ सकता है.
बच्चों की पुरानी चीजों का क्या करें?
- वास्तु शास्त्र के अनुसार, बच्चों की पुरानी चीजों की समय-समय पर देखरेख करते रहें, जो चीजें जरूरी नहीं हैं उनको हटा दें.
- अगर कपड़े खिलौने अच्छी स्थिति में हैं लेकिन इस्तेमाल नहीं किए जा रहे हैं तो उनको निपटारा कर दें.
- अलमारी या स्टोरी रूम में बेकार की चीजों के बजाय रोज प्रयोग में आने वाली वस्तुएं ही रखें.
- बच्चों से जुड़ी यादगार चीजों को रख सकते हैं, जिनका परिजनों से भावनात्मक जुड़ाव हो.

