भारत में एआई इंजीनियरिंग नौकरियों में बूम, भर्ती 59.5% बढ़ी; बेंगलुरु-हैदराबाद टॉप पर

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी Ai इंजीनियरिंग भर्तियों में सालाना आधार पर 59.5% की जोरदार बढ़त दर्ज की गई है. यह वृद्धि अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे विकसित देशों की तुलना में अधिक है, जो यह दिखाती है कि भारत तेजी से एआई टैलेंट का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है. शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है.

बेंगलुरु और हैदराबाद शीर्ष पर, छोटे शहर भी आगे

LinkedIn की रिपोर्ट के अनुसार बेंगलुरु और हैदराबाद एआई हायरिंग के मामले में शीर्ष पर बने हुए हैं. हालांकि अब केवल बड़े शहर ही नहीं, बल्कि विजयवाडा जैसे शहरों में भी एआई नौकरियों में तेजी देखने को मिल रही है, जो इस क्षेत्र के तेजी से फैलाव को दर्शाता है.

शहरों के स्तर पर तेज ग्रोथ

एआई इंजीनियरिंग भर्तियों में सालाना आधार पर हैदराबाद में 51 प्रतिशत और विजयवाडा में 45.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. यह आंकड़े दिखाते हैं कि एआई सेक्टर में अवसर तेजी से विभिन्न शहरों तक फैल रहे हैं और अब यह केवल मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रहा.

नए एआई कौशल की बढ़ती मांग

रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में लघु एवं मध्यम आकार के व्यवसायों के बीच एआई से जुड़े कुछ खास कौशल तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. इनमें एआई एजेंट, एआई उत्पादकता और एज्योर एआई स्टूडियो जैसे कौशल शामिल हैं. यह ट्रेंड इस बात का संकेत है कि अब कंपनियां केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक और परिणाम देने वाली क्षमताओं पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं.

विनिर्माण क्षेत्र में भी एआई का प्रभाव

मैन्युफैक्चरिंग जैसे पारंपरिक उद्योगों में भी एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है. यहां एआई एजेंट और एआई प्रॉम्प्टिंग जैसे कौशल रोजगार क्षमता को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण बनकर उभर रहे हैं, जिससे यह साफ है कि एआई अब हर क्षेत्र में अपनी जगह बना रहा है.

कंपनियों में एआई अपनाने से बढ़ी भर्ती

सभी आकार के संगठनों में एआई को तेजी से अपनाया जा रहा है, जिसके कारण एआई इंजीनियरिंग में भर्तियों में उछाल आया है. रिपोर्ट के अनुसार बड़े उद्यम बुनियादी ढांचे, शासन और बड़े पैमाने पर एआई के उपयोग में निवेश कर रहे हैं, जिससे वे सबसे ज्यादा एआई प्रतिभाओं को नियुक्त कर रहे हैं.

छोटे और मध्यम व्यवसाय भी पीछे नहीं

वहीं दूसरी ओर छोटे और मध्यम आकार के व्यवसाय भी तेजी से एआई को अपना रहे हैं. इससे इन कंपनियों में भी एआई इंजीनियरों की मांग तेजी से बढ़ रही है और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं.

एआई टैलेंट पूल में बड़ा इजाफा

जैसे-जैसे एआई का उपयोग बढ़ रहा है, वैसे-वैसे एआई प्रतिभाओं की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है. विनिर्माण क्षेत्र में भारत में एआई इंजीनियरिंग प्रतिभाओं की संख्या चार गुना बढ़कर 2025 में कुल कार्यबल का 2 प्रतिशत हो गई है, जो इस क्षेत्र के विस्तार को दर्शाता है.

लिंक्डइन इंडिया इंजीनियरिंग के प्रमुख मलाई लक्ष्मणन ने कहा, हम एआई एजेंटों और उत्पादकता उपकरणों जैसे व्यावहारिक एआई कौशल में मजबूत वृद्धि देख रहे हैं, जो सीधे वास्तविक दुनिया में उपयोग से जुड़े हैं. लक्ष्मणन ने आगे कहा, इंजीनियरों के लिए, यह एक स्पष्ट संकेत है कि वे व्यावहारिक, प्रायोगिक क्षमताओं के निर्माण और एआई को रोजमर्रा के कार्यप्रवाह में एकीकृत करने पर ध्यान केंद्रित करें.

जैसे-जैसे सभी आकार के उद्योगों और संगठनों में एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, प्रयोग से क्रियान्वयन की ओर बढ़ने वाले लोग इस अवसर का लाभ उठाने के लिए सबसे अच्छी स्थिति में होंगे.

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