AI ने बिगाड़ी Adobe की हालत, शेयर गिरे, CEO शांतनु नारायण छोड़ सकते हैं पद

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

AI Impact On Adobe: दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रभाव ने टेक इंडस्ट्री की बड़ी कंपनियों को भी नई चुनौतियों के सामने खड़ा कर दिया है. इसी बीच सॉफ्टवेयर दिग्गज Adobe को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी के लंबे समय से CEO रहे शांतनु नारायण जल्द ही अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं. इस खबर के सामने आते ही निवेशकों की चिंता बढ़ गई और कंपनी के शेयरों में 7% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई.

18 साल तक संभाली Adobe की कमान

शांतनु नारायण करीब 18 साल से Adobe का नेतृत्व कर रहे हैं. उनके कार्यकाल में कंपनी ने कई लोकप्रिय और उद्योग में मानक बन चुके सॉफ्टवेयर विकसित किए. इनमें Photoshop, Illustrator, Premiere Pro और InDesign जैसे प्रोडक्ट शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल दुनियाभर के क्रिएटिव प्रोफेशनल्स करते हैं.

Adobe ने स्पष्ट किया है कि नए CEO की नियुक्ति के बाद भी शांतनु नारायण कंपनी से पूरी तरह अलग नहीं होंगे. वे बोर्ड के चेयरमैन के रूप में अपनी भूमिका निभाते हुए नए नेतृत्व को मार्गदर्शन देते रहेंगे.

AI के दौर में बदल रही टेक इंडस्ट्री

टेक्नोलॉजी की दुनिया में AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल ने कई पारंपरिक सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. डिजाइनिंग और कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में AI आधारित टूल्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, जो कई कामों को पहले से ज्यादा तेज और आसान बना रहे हैं. ऐसे में Adobe को भी अपने बिजनेस मॉडल और तकनीकी रणनीति में बदलाव करने का दबाव महसूस हो रहा है.

सब्सक्रिप्शन मॉडल को लेकर चिंता

रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी को यह चिंता भी है कि यूजर्स धीरे-धीरे AI आधारित प्लेटफॉर्म्स की तरफ आकर्षित हो सकते हैं, जो कम कीमत में तेज और ऑटोमेटेड समाधान उपलब्ध कराते हैं. इससे पारंपरिक सॉफ्टवेयर मॉडल पर असर पड़ सकता है.

शेयरों में लगातार गिरावट

Adobe के शेयरों में पिछले कुछ समय से गिरावट का दौर जारी है. इस साल अब तक कंपनी के शेयर करीब 22% तक गिर चुके हैं. वहीं 2025 में भी शेयरों में लगभग 21% की गिरावट दर्ज की गई थी.विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI टेक्नोलॉजी के साथ तालमेल बिठाना Adobe जैसी कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकता है.

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