एक रिपोर्ट के मुताबिक, FY26 में भारत में टोल कलेक्शन में 5 से 9% तक की वृद्धि हो सकती है. इसका सकारात्मक प्रभाव FY27 तक बने रहने की संभावना है, जिससे टोल रोड सेक्टर में स्थिरता देखने को मिलेगी. आईसीआरए की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल टोल रोड सेक्टर संतुलित स्थिति में है और आने वाले वर्षों में इसमें मजबूत विकास की संभावनाएं हैं. आईसीआरए के सेक्टर हेड और असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट एम राजाशेखर रेड्डी ने कहा, थोक महंगाई दर के कमजोर बने रहने के कारण FY27 में नए प्रोजेक्ट्स के लिए टोल रेट वृद्धि करीब 3.2% रहने का अनुमान है और पुराने प्रोजेक्ट्स के लिए यह 1.6% से लेकर 2 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है.
FY27 में टोल संग्रह 5–8% बढ़ने की उम्मीद
रिपोर्ट के अनुसार, इन कारकों के कारण FY27 में टोल संग्रह में 5 से 8 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है. टोल वसूली में वृद्धि और संचालन व रखरखाव लागत में कमी के चलते, बीओटी टोल रोड परियोजनाओं के लिए ऋण कवरेज मेट्रिक्स संतोषजनक बने रहने की उम्मीद जताई गई है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि HAM और इंजीनयरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन परियोजनाओं के लिए बोली मानदंडों में हालिया सख्ती एक सकारात्मक संकेत है.
TOT बंडलों से NHAI की आय में तेज बढ़ोतरी
हालांकि, प्रतिस्पर्धा में किसी बड़ी गिरावट की आशंका नहीं है, क्योंकि कई कंपनियां अभी भी इन कड़े मानकों पर खरी उतरती हैं. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने FY26 के पहले नौ महीनों में टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर बंडलों के माध्यम से 12,357 करोड़ रुपए जुटाए, जिससे FY19 से अब तक कुल आय 1,04,990 करोड़ रुपए हो गई है. अतिरिक्त बंडलों के जारी होने के साथ, इस वित्त वर्ष के अंत तक कुल आय लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है.
FY26 में सड़क निर्माण की रफ्तार थोड़ी धीमी
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने अप्रैल से अक्टूबर 2025 के दौरान 3,468 किलोमीटर सड़क निर्माण पूरा किया, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में 3,920 किलोमीटर सड़कें बनाई गई थीं. एजेंसी का अनुमान है कि FY26 में कुल सड़क निर्माण 9,000 से 9,500 किलोमीटर के बीच रह सकता है, जो FY25 में दर्ज 10,660 किलोमीटर से कुछ कम है. रेटिंग एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि FY26 में सरकार द्वारा दिए गए रोड कॉन्ट्रैक्ट्स 8,500-9,000 किलोमीटर तक पहुंच जाएंगे, जो FY25 के अनुमानित 7,500-8,000 किलोमीटर से थोड़ा अधिक है.

