तेल विपणन कंपनियों (OMC) ने 1 फरवरी से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में 49 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है. संशोधित दरें आज से प्रभावी हो गई हैं. यह बढ़ोतरी 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर लागू की गई है, जिसका उपयोग होटल, रेस्टोरेंट और अन्य छोटे व्यवसायों में बड़े पैमाने पर किया जाता है. हालांकि, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में अब 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की खुदरा कीमत बढ़कर 1,740.50 रुपये हो गई है.
महानगरों में नए रेट
तो वहीं मुंबई में संशोधित कीमत 1,692 रुपए है, जबकि कोलकाता में यह बढ़कर 1,844.50 रुपए हो गई है. वहीं चेन्नई में सिलेंडर की कीमत अब 1,899.50 रुपए होगी. यह बदलाव तेल कंपनियों द्वारा हर महीने की जाने वाली कीमत समीक्षा के तहत किया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय ईंधन कीमतों और देश के अंदर की लागत पर आधारित होती है. इस कीमत वृद्धि का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और खाने-पीने से जुड़े व्यवसायों पर पड़ सकता है, क्योंकि इन क्षेत्रों में कमर्शियल एलपीजी ईंधन के रूप में अनिवार्य रूप से इस्तेमाल होती है. बीते कुछ महीनों में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है.
बीते महीनों में LPG कीमतों का उतार-चढ़ाव
जनवरी महीने में तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में 111 रुपये की बढ़ोतरी की थी, जबकि इससे पहले नवंबर में 5 रुपये और दिसंबर में 10 रुपये की राहत दी गई थी. राजधानी दिल्ली में पिछले साल मार्च के दौरान 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1,803 रुपये थी. इसके बाद 2024 और 2025 की शुरुआत में कई बार दाम घटे और बढ़े. दिसंबर में कीमत घटकर 1,580.50 रुपये तक पहुंच गई थी, लेकिन अब लगातार दूसरे महीने दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. हालांकि, कमर्शियल LPG महंगी होने के बावजूद तेल कंपनियों ने साफ किया है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. घरेलू गैस की आखिरी बार कीमत 8 अप्रैल 2025 को संशोधित की गई थी.
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है. एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा हर महीने की शुरुआत में की जाती है. कीमतों में बदलाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों, मुद्रा विनिमय दर और परिवहन लागत जैसे कारणों पर निर्भर करता है. इस फैसले से जहां व्यवसायिक उपभोक्ताओं पर महंगी गैस का बोझ बढ़ेगा, वहीं घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल किसी अतिरिक्त खर्च का सामना नहीं करना पड़ेगा और उन्हें राहत बनी रहेगी.
यह भी पढ़े: इस देश के राष्ट्रपति ने ट्रंप के टैरिफ पर किया हमला, दी चेतावनी, ‘मातृभूमि या मौत…’

