Commodity Investment News: फरवरी 2026 में कमोडिटी फंड में निवेश में भारी गिरावट देखने को मिली. वैलम कैपिटल की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, कुल निवेश घटकर करीब 45,708 करोड़ रुपए रह गया. जनवरी के मुकाबले कमोडिटी सेक्टर में निवेश 51,483 करोड़ रुपए से गिरकर सिर्फ 5,774 करोड़ रुपए रह गया, यानी करीब 89 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. दि
लचस्प बात यह है कि निवेश में गिरावट के बावजूद इस एसेट क्लास ने सालाना आधार पर 80.3 प्रतिशत का मजबूत रिटर्न दिया है, जो निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत है.
सोने की मंदी का असर
रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की कीमतों में तेजी कम होने के कारण कमोडिटी में निवेश तेजी से घटा. सोना और चांदी दोनों में फरवरी के दौरान गिरावट देखी गई, जो जनवरी की तेजी के बाद बड़ा बदलाव माना जा रहा है. कुल नेट एसेट फ्लो भी जनवरी के 1,64,277 करोड़ रुपए से घटकर फरवरी में 73,842 करोड़ रुपए रह गया, यानी लगभग आधी गिरावट आई. मनी मार्केट में भी 45 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 42,970 करोड़ रुपए पर आ गया.
इक्विटी में हल्की गिरावट
इक्विटी निवेश में भी हल्की कमी देखी गई. यह 52,110 करोड़ रुपए से घटकर 42,017 करोड़ रुपए रह गया, यानी करीब 19 प्रतिशत की गिरावट आई. वहीं फिक्स्ड इनकम में आउटफ्लो जारी रहा, हालांकि इसमें थोड़ी कमी आई और यह 17,037 करोड़ रुपए से घटकर 16,919 करोड़ रुपए रह गया.
मिड और स्मॉल कैप में बढ़ी खरीदारी
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि निवेशकों ने गिरावट का फायदा उठाते हुए मिड कैप और स्मॉल कैप शेयरों में खरीदारी बढ़ाई. मिड कैप निवेश 3,297 करोड़ से बढ़कर 3,739 करोड़ रुपए और स्मॉल कैप 2,536 करोड़ से बढ़कर 3,055 करोड़ रुपए हो गया.
फैक्टर फंड में भी बढ़त
फैक्टर फंड में निवेश बढ़कर 3,116 करोड़ रुपए से 4,495 करोड़ रुपए हो गया. इसमें खासतौर पर क्वालिटी कैटेगरी में तेजी देखी गई, जिसका कारण एक नए NFO लॉन्च को माना जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी में जनवरी की असामान्य तेजी सामान्य होती नजर आई. सोने की तेजी धीमी हुई, मनी मार्केट स्थिर हुआ और इक्विटी में चुनिंदा खरीदारी देखने को मिली.
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