ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ाने के लिए खुलेंगे 3 नए क्षेत्रीय निदेशालय और 6 नए रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज: केंद्र

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने बुधवार को घोषणा की कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए सरकार 16 फरवरी, 2026 से तीन नए क्षेत्रीय निदेशालय (आरडी) और छह रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) स्थापित करेगी. इससे व्यवसायों को बेहतर रेगुलेटरी सुविधा मिलेगी और तेजी से बढ़ते कारोबारी माहौल को आवश्यक समर्थन भी प्रदान होगा. मंत्रालय ने बताया कि मौजूदा उत्तर क्षेत्र का क्षेत्रीय निदेशालय, जिसका मुख्यालय दिल्ली में है और जिसके अधिकार क्षेत्र में एनसीटी दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, चंडीगढ़, लद्दाख और जम्मू एवं कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं, अब दो हिस्सों में विभाजित किया जा रहा है.
आरडी (एनआर-I) का मुख्यालय नई दिल्ली में होगा और इसके अधिकार क्षेत्र में एनसीटी दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य आएंगे. आरडी (एनआर-II) का मुख्यालय चंडीगढ़ में होगा और इसके अधिकार क्षेत्र में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड राज्य और चंडीगढ़, लद्दाख और जम्मू एवं कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश आएंगे. मौजूदा आरओसी, दिल्ली जिसका अधिकार क्षेत्र एनसीटी दिल्ली और हरियाणा में था, उसे तीन आरओसी में बांटा गया है. आरओसी (एनसीटी ऑफ दिल्ली-I) का मुख्यालय दिल्ली में स्थित होगा और इसके अधिकार क्षेत्र में दक्षिणी दिल्ली, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली, नई दिल्ली, दक्षिण-पूर्व दिल्ली और पूर्वी दिल्ली जिले शामिल होंगे.
वहीं, ROC (एनसीटी ऑफ दिल्ली-II) का मुख्यालय भी दिल्ली में होगा और इसका अधिकार क्षेत्र सेंट्रल दिल्ली, पश्चिम दिल्ली, उत्तरी दिल्ली, उत्तर-पश्चिम दिल्ली, उत्तर-पूर्व दिल्ली और शाहदरा जिले तक फैला होगा. आरओसी (हरियाणा), जिसका मुख्यालय चंडीगढ़ में होगा, हरियाणा के सभी जिलों को कवर करेगा. इससे पहले, आरओसी (दिल्ली) का अधिकार क्षेत्र हरियाणा पर भी था. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के 17 सबसे पश्चिमी जिलों का अधिकार क्षेत्र रखने वाला नोएडा ROC अब कानपुर से अलग किया जा रहा है. मौजूदा पश्चिम क्षेत्र का क्षेत्रीय निदेशालय, जिसका मुख्यालय मुंबई में है और जिसका अधिकार क्षेत्र पूरे महाराष्ट्र, गोवा राज्य और दमन और दीव केंद्र शासित प्रदेश पर है, उसे दो हिस्सों में बांटा जा रहा है.
आरडी (डब्ल्यूआर-I) जिसका मुख्यालय मुंबई में होगा, उसका अधिकार क्षेत्र मुंबई, मुंबई उप शहरी जिलों, गोवा राज्य और दमन और दीव केंद्र शासित प्रदेश पर होगा. आरडी (डब्ल्यूआर-II) जिसका मुख्यालय नवी मुंबई में होगा, उसका अधिकार क्षेत्र मुंबई और मुंबई उप शहरी को छोड़कर महाराष्ट्र के सभी जिलों पर होगा. मौजूदा आरओसी, मुंबई को दो आरओसी में बांटा गया है. आरओसी, मुंबई-I का मुख्यालय मुंबई में होगा और इसका अधिकार क्षेत्र मुंबई और मुंबई उप शहरी जिलों पर होगा. आरओसी, मुंबई-II का मुख्यालय नवी मुंबई में होगा और इसका अधिकार क्षेत्र औरंगाबाद, धुले, जलगांव, नंदुरबार, नासिक, पालघर, रायगढ़ और ठाणे जिलों पर होगा. इसके अतिरिक्त, नागपुर में एक नया आरओसी स्थापित किया जा रहा है, जिसका अधिकार क्षेत्र विदर्भ के 11 जिलों और मराठवाड़ा क्षेत्र के 7 जिलों तक फैला होगा.
इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के लिए नया क्षेत्रीय निदेशालय बैंगलोर में बनाया गया है, जिसका अधिकार क्षेत्र कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेश पर होगा. मौजूदा कोलकाता आरओसी को दो भागों में विभाजित किया गया है. ROC, कोलकाता-I का मुख्यालय कोलकाता में होगा और इसका अधिकार क्षेत्र कोलकाता जिले और सिक्किम राज्य को कवर करेगा. वहीं, ROC, कोलकाता-II का मुख्यालय भी कोलकाता में होगा और इसका अधिकार क्षेत्र कोलकाता जिले को छोड़कर पूरे पश्चिम बंगाल राज्य पर लागू होगा.
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