अमेरिका में महंगाई पर ट्रंप का अजीबोगरीब बयान, ईरान को बताया आसमान छूती कीमतों का जिम्मेदार

Washington: अमेरिका में महंगाई दर के तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बीच राष्ट्रपति  डोनाल्ड ट्रंप के अजीबोगरीब बयान के बाद विवाद देश भर में विरोध हो रहा है. यह बयान राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है. महंगाई के ताजा आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा, “मुझे महंगाई पसंद है.” उनके इस बयान के बाद विपक्षी नेताओं ने उन पर बढ़ती जीवन-यापन लागत को लेकर आम अमेरिकियों की चिंताओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया.

डेमोक्रेट नेताओं ने दी तीखी प्रतिक्रिया 

ट्रंप की टिप्पणी पर Chuck Schumer और Elizabeth Warren सहित कई डेमोक्रेट नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति बढ़ती कीमतों और आम परिवारों की आर्थिक मुश्किलों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि Good, उन्हें हालिया आंकड़े अच्छे लगे, क्योंकि उनका मानना है कि ईरान युद्ध समाप्त होने के बाद महंगाई तेजी से नीचे आएगी. उन्होंने कहा, “जब यह युद्ध खत्म होगा, महंगाई चट्टान की तरह नीचे गिरेगी.”

वर्तमान महंगाई पर तनावों का असर 

ट्रंप का तर्क था कि वर्तमान महंगाई पर ऊर्जा आपूर्ति और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े तनावों का असर पड़ रहा है. बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, मई में अमेरिका की वार्षिक मुद्रास्फीति दर बढ़कर 4.2% हो गई, जो 2023 की शुरुआत के बाद सबसे ऊंचा स्तर है. अप्रैल की तुलना में महंगाई में 0.5 प्रतिशत अंक की वृद्धि दर्ज की गई. आंकड़ों ने यह भी दिखाया कि लगातार दूसरे महीने महंगाई की रफ्तार वेतन वृद्धि से अधिक रही.

एक वर्ष में 0.7% की गिरावट दर्ज

वास्तविक औसत साप्ताहिक आय में पिछले महीने 0.2% और एक वर्ष में 0.7% की गिरावट दर्ज की गई, जो फरवरी 2023 के बाद सबसे बड़ी वार्षिक गिरावट है. विवाद बढ़ने के बाद ट्रंप ने कहा कि उनके बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया. उनका कहना था कि उन्हें यह पसंद है कि महंगाई अपेक्षा से अधिक नहीं बढ़ी है. उन्होंने दावा किया कि युद्ध समाप्त होने के बाद कीमतों में तेज गिरावट आएगी और वर्तमान स्तर महंगाई का चरम साबित हो सकता है.

अर्थव्यवस्था प्रमुख चिंता

नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले महंगाई अमेरिकी मतदाताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में बनी हुई है. हालिया सर्वेक्षणों में बड़ी संख्या में मतदाताओं ने महंगाई और अर्थव्यवस्था को अपनी प्रमुख चिंता बताया है.

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