Electronics Development Fund: केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट फंड (EDF) ने देश के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेक्टर में नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इस फंड ने इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ESDM) और आईटी सेक्टर से जुड़ी 128 स्टार्टअप्स और कंपनियों में 1,335.77 करोड़ रुपये का निवेश जुटाने में अहम भूमिका निभाई है. इस पहल का उद्देश्य स्वदेशी तकनीक, नवाचार और बौद्धिक संपदा (IP) के विकास को गति देना है.
8 वेंचर कैपिटल फंड्स में किया गया निवेश
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा फंड ऑफ फंड्स मॉडल के तहत स्थापित इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट फंड ने 30 जून 2026 तक SEBI में पंजीकृत 8 वेंचर कैपिटल फंड्स (डॉटर फंड्स) में 257.77 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इन डॉटर फंड्स ने आगे बढ़कर 128 स्टार्टअप्स और कंपनियों में कुल 1,335.77 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी क्षेत्र में नई तकनीकों के विकास और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिली है.
इन आधारों पर चुने गए स्टार्टअप्स
सरकार के मुताबिक, निवेश के लिए स्टार्टअप्स का चयन कई महत्वपूर्ण मानकों को ध्यान में रखकर किया गया. इनमें नवाचार क्षमता, स्वदेशी तकनीक विकसित करने की योग्यता, बौद्धिक संपदा (IP) सृजन की संभावना, संस्थापक टीम की तकनीकी विशेषज्ञता और बिजनेस मॉडल की विस्तार क्षमता प्रमुख आधार रहे. सरकार ने बताया कि कैनबैंक वेंचर कैपिटल फंड्स लिमिटेड (CVCFL) इस फंड का संचालन कर रही है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) इसमें एंकर निवेशक की भूमिका निभा रहा है.
128 कंपनियों में सबसे ज्यादा ESDM सेक्टर की हिस्सेदारी
सरकार द्वारा समर्थित 128 कंपनियों में से 77 कंपनियां ESDM सेक्टर में कार्यरत हैं, जबकि 51 कंपनियां आईटी सेक्टर से जुड़ी हुई हैं. इससे स्पष्ट होता है कि सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और डिजिटल टेक्नोलॉजी दोनों क्षेत्रों को समान रूप से बढ़ावा देने पर जोर दे रही है. राज्यवार आंकड़ों के अनुसार कर्नाटक सबसे आगे रहा, जहां 90 कंपनियों को निवेश मिला. इनमें से 89 कंपनियां केवल बेंगलुरु में स्थित हैं. इसके बाद तेलंगाना, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और दिल्ली का स्थान रहा.
सरकारी निवेश से कई गुना बढ़ी पूंजी
सरकार ने बताया कि डॉटर फंड्स ने EDF के निवेश का लाभ उठाकर बाजार से लगभग पांच गुना अधिक पूंजी जुटाई. वहीं, इस योजना के तहत समर्थित स्टार्टअप्स ने सामूहिक रूप से 22,553.82 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया है. इस योजना के तहत समर्थित स्टार्टअप्स ने अब तक 373 बौद्धिक संपदाएं (IP) विकसित या हासिल की हैं. सरकार का कहना है कि यह उपलब्धि इस योजना के नवाचार, अनुसंधान और स्वदेशी तकनीक के विकास पर केंद्रित होने को दर्शाती है.
नियमित निगरानी और डाइवेस्टमेंट चरण में पहुंचा EDF
फंड मैनेजर नियमित रूप से डॉटर फंड्स के प्रदर्शन की समीक्षा करता है, जबकि डॉटर फंड्स अपनी निवेशित कंपनियों की परिचालन क्षमता, तकनीकी प्रगति और बाजार में प्रदर्शन का लगातार मूल्यांकन करते हैं. सरकार ने यह भी बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट फंड ने फरवरी 2024 में अपना निवेश चरण पूरा कर लिया था और फिलहाल यह डाइवेस्टमेंट चरण में है. इसके बावजूद इस योजना का प्रभाव देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक्स-आईटी सेक्टर में लगातार देखने को मिल रहा है.