Jhiram Valley Massacre: छत्तीसगढ़ से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है. झीरम घाटी नरसंहार मामले में दोषी करार दिए गए 10 माओवादियों को एनआईए की विशेष अदालत ने मृत्युदंड की सजा सुनाई है. विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत ने बुधवार शाम करीब पांच बजे सजा सुनाई.
सभी दोषी वर्तमान में जगदलपुर केंद्रीय कारागार में बंद हैं. सजा सुनाए जाने के दौरान अभियुक्तों के स्वजन भी अदालत कक्ष के बाहर मौजूद रहे. बीजापुर और दंतेवाड़ा से भी कुछ स्वजन जगदलपुर पहुंचे थे.
विशेष अदालत ने 5 सितंबर को अपने फैसले में प्रमिला मोडियाम, सुमित्रा पुनेम, मुक्का मांडवी, मड़कामी देवा, कोसा कवासी, आयत मरकाम, बंजामी सेना, चैतू लेकाम, जोगा मड़कामी और महादेव नागा को दोषी ठहराया था. इन्हें सात धाराओं में दोषी पाया गया था.
मालूम हो कि 25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर दरभा क्षेत्र की झीरम घाटी में माओवादियों ने घात लगाकर हमला किया था. इस हमले में पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा, तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व विधायक उदय मुदलियार और योगेंद्र शर्मा सहित 32 लोगों की मौत हुई थी.