देश को टेक्नोलॉजी में लीडर बनाने के लिए टेक्नोक्सियन वर्ल्डकप जैसे आयोजन आवश्यक: Raj K Sharma

Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
टेक्नोक्सियन वर्ल्डकप दुनिया की सबसे बड़ी रोबोटिक्स चैम्पियनशिप मानी जाती है. टेक्नोलॉजी क्षेत्र में भारत को वैश्विक नेतृत्व दिलाने और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने के लिए ऐसे आयोजनों की अहम भूमिका है. इसी संदर्भ में आयोजक राज के शर्मा ने रविवार को कहा कि भारत में टेक्नोलॉजी से जुड़े इस तरह के बड़े इवेंट्स का होना बेहद जरूरी है.
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए राज के शर्मा ने बताया कि ऑल इंडिया काउंसिल फॉर रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन द्वारा वर्ल्ड रोबोटिक्स ऑर्गेनाइजेशन के साथ साझेदारी में आयोजित किए गए टेक्नोक्सियन वर्ल्डकप 9.0 का उद्देश्य भारत को ग्लोबल टेक स्पोर्ट्स हब के रूप में तैयार करना है.
यहां भाग लेने वाला प्रत्येक देश घरेलू स्तर पर नेशनल चैंपियनशिप आयोजित करता है और वहां की सर्वश्रेष्ठ टीमों को भारत में प्रतिस्पर्धा के लिए भेजा जाता है। इसका उद्देश्य है कि दुनिया भारत की प्रतिभा को देखे, और भारतीय छात्र सीखें और ज्ञान का आदान-प्रदान हो.
जानकारी के अनुसार, टेक्नोक्सियन वर्ल्डकप 9.0 का आयोजन इस वर्ष नोएडा स्टेडियम में किया जा रहा है. इस प्रतिष्ठित रोबोटिक्स चैम्पियनशिप में लगभग 60 देशों के प्रतिभागी हिस्सा लेंगे, जो 15 विभिन्न श्रेणियों में अपनी तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन करेंगे. इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य भारतीय छात्रों को वैश्विक स्तर की तकनीकों और प्रतिस्पर्धा से परिचित कराना है, साथ ही भारत के ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर बनने की दिशा में एक मजबूत कदम उठाना भी इसका मकसद है.

भारत में टेक्नोलॉजी सेक्टर का तेज़ विकास

टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत हर दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इंडिया मिलिट्री टेक रिपोर्ट 2025, जिसे मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म Tracxn द्वारा जारी किया गया है, के मुताबिक 2025 में अब तक मिलिट्री टेक स्टार्टअप्स ने 192.4 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है, जो इस साल अब तक इस सेक्टर में दर्ज की गई सबसे बड़ी राशि है.
रिपोर्ट के अनुसार, 2016 से अब तक इस क्षेत्र में कुल 211 फंडिंग राउंड्स के माध्यम से 611 मिलियन डॉलर का निवेश हुआ है. फंडिंग डील की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है—जहां 2016 में केवल 3 डील्स हुई थीं, वहीं 2023 में यह संख्या 36 तक पहुंच गई, और 2025 में अब तक 20 डील्स हो चुकी हैं.

भारत का डिफेंस टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम निर्णायक मोड़ पर

रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए Tracxn की सह-संस्थापक नेहा सिंह ने कहा, “भारत का डिफेंस टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम अब एक निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है. यह क्षेत्र इनोवेशन, नीतिगत सहयोग और निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से प्रेरित होकर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है.”
Latest News

Hockey Asia Cup 2025: भारत ने जापान को दी करारी शिकस्त, 3-2 से हराकर सुपर 4 में किया प्रवेश 

Hockey Asia Cup 2025: बिहार में जारी एशिया कप 2025 के तीसरे दिन मेजबान भारत ने जापान को 3-2...

More Articles Like This