Washington: डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रगतिशील नेता आयशा वहाब ने कैलिफोर्निया के 14वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट के लिए हुए विशेष चुनाव में जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है. इसी के साथ वह अमेरिकी संसद के लिए निर्वाचित होने वाली पहली अफगान-अमेरिकी बन गई हैं. वहाब (39) ने इस सीट के चुनाव में मध्यमार्गी डेमोक्रेट मेलिसा हर्नांडेज को हराया.
दुराचार के आरोपों के बीच सीट खाली
डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता एरिक स्वालवेल ने यौन दुराचार के आरोपों के बीच यह सीट खाली कर दी थी. वहाब ने चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद एक बयान में कहा कि आज इस जिले ने पहली अफगान-अमेरिकी को संसद के लिए चुनकर इतिहास रच दिया. बीते दिन घोषित नतीजों के अनुसार वहाब को कुल मतों में से 53.09 प्रतिशत वोट मिले जबकि हर्नांडेज को 46.91 प्रतिशत मत प्राप्त हुए. चुनाव दो दिन पहले हुआ था.
अगले साल 20 जनवरी तक पद पर रहेंगी
वहाब स्वालवेल के शेष कार्यकाल के लिए यानी अगले साल 20 जनवरी तक पद पर रहेंगी. हालांकि, नवंबर में पूर्ण कार्यकाल के लिए होने वाले चुनाव में उनका एक बार फिर हर्नांडेज से कड़ा मुकाबला होने की संभावना है. वहाब के माता-पिता सोवियत आक्रमण के दौरान अफगानिस्तान से भागकर न्यूयॉर्क शहर में बस गए थे जहां 1987 में उनका जन्म हुआ. उनके पिता की कुछ समय बाद हत्या कर दी गई और उसके बाद उनकी मां की भी मौत हो गई.
‘फोस्टर केयर’ व्यवस्था में पली-बढ़ीं
वहाब और उनकी बड़ी बहन ‘फोस्टर केयर’ व्यवस्था में पली-बढ़ीं. ‘फोस्टर केयर’ ऐसी व्यवस्था है जिसमें किसी बच्चे की देखभाल उसके जैविक माता-पिता के बजाय किसी दूसरे परिवार या देखभालकर्ता द्वारा अस्थायी रूप से की जाती है. वहाब जब करीब नौ साल की थीं तब कैलिफोर्निया के फ्रेमोंट में रहने वाले एक अफगान-अमेरिकी दंपति ने दोनों को गोद ले लिया.
पहली अफगान-अमेरिकी महिला बनीं
वहाब 2018 में हेवर्ड नगर परिषद की सदस्य चुनी गईं और इसके साथ ही वह अमेरिका में किसी सार्वजनिक पद के लिए निर्वाचित होने वाली पहली अफगान-अमेरिकी महिला बनीं. वह 2022 में कैलिफोर्निया राज्य सीनेट के लिए चुनी जाने वाली पहली मुस्लिम महिला थीं.
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