FII Selling: बड़े संकेतों के बिना जारी रह सकती है विदेशी निवेशकों की बिकवाली, ₹22,529 करोड़ निकाले

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

एनालिस्ट्स के मुताबिक, भारतीय शेयर बाजार में जब तक मजबूत और स्पष्ट सकारात्मक संकेत नहीं मिलते, तब तक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली जारी रह सकती है. हाल के दिनों में विदेशी निवेशक लगातार बाजार से पूंजी निकाल रहे हैं. आंकड़ों के अनुसार, 1 से 16 जनवरी के बीच एफआईआई ने इक्विटी बाजार से करीब 22,529 करोड़ रुपये की बिकवाली की है. जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा, इस महीने, एक सत्र को छोड़कर बाकी सभी दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली जारी रही.

2026 की शुरुआत में भी कमजोर बाजार

अन्य प्रमुख बाजारों की तुलना में भारत का कमजोर प्रदर्शन 2026 की शुरुआत में भी जारी है. निफ्टी ने इस साल की शुरुआत से लेकर अब तक -1.73% का रिटर्न दिया है. उन्होंने आगे कहा कि 2025 के मार्केट की एक खास बात यह थी कि सुस्त प्रदर्शन के बावजूद निफ्टी ने 10% का रिटर्न दिया था. इसकी वजह डीआईआई की ओर से 7.44 लाख करोड़ रुपए का मजबूत निवेश करना था. हालांकि, इस दौरान FII ने 1.66 लाख करोड़ रुपए की इक्विटी में बिकवाली की थी. एनालिस्ट्स के अनुसार, एफआईआई की लगातार बिकवाली के पीछे ऊंचा मूल्यांकन और भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बनी अनिश्चितता प्रमुख कारण हैं.

AI ट्रेड जारी, लेकिन बाजार सपाट

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि 2025 में शेयर बाजार के रुझान पर हावी रहने वाला एआई ट्रेड 2026 की शुरुआत में भी जारी है, हालांकि इस साल किसी भी समय इस ट्रेंड में बदलाव आ सकता है. बीते सप्ताह बाजार को मिले मिले-जुले संकेतों के बीच प्रमुख सूचकांक लगभग सपाट बंद हुए.

इस दौरान सेंसेक्स 5.89 अंक या 0.01% की मामूली गिरावट के साथ 83,570.35 पर रहा, जबकि निफ्टी 11.05 अंक या 0.04% की हल्की बढ़त के साथ 25,694.35 पर बंद हुआ. रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च सीनियर उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा ने कहा, “चुनिंदा लार्ज-कैप आईटी कंपनियों के तीसरी तिमाही के बेहतर नतीजों से पैदा हुई उम्मीदें टैरिफ संबंधी अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनावों और विदेशी निवेश की निरंतर निकासी से धूमिल हो गईं.” उन्होंने आगे कहा, आने वाले समय में भी विदेशी निवेशक बिकवाली जारी रख सकते हैं.

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