भारत एशिया-प्रशांत में Global Corporation के लिए रणनीतिक केंद्र: Report

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
भारत बीते वर्ष 2024 में एशिया-प्रशांत (APAC) के सभी ऑफिस लीजिंग वॉल्यूम का 47% हिस्सा था, जो 2015 में केवल 36% -था. व्यापार में बदलाव, सप्लाई चेन डायवर्सिफिकेशन और मैक्रोइकोनॉमिक चुनौतियों के बीच भारत की ऑफिस लीजिंग वॉल्यूम में बढ़ती हिस्सेदारी देश की रणनीतिक प्रासंगिकता को दर्शाती है. नाइट फ्रैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक क्षमता केंद्रों (GCC), मल्टीनेशनल ऑक्यूपायर्स और थर्ड पार्टी सर्विस प्रोवाइडर्स की मजबूत मांग के कारण, 2024 में भारत के ऑफिस ट्रांजैक्शन की मात्रा रिकॉर्ड 6.68 मिलियन वर्ग मीटर (7.19 मिलियन वर्ग फीट) तक पहुंच गई. रिपोर्ट लागत दक्षता, प्रतिभा और इंफ्रास्ट्रक्चर की तलाश करने वाले ऑक्यूपायर्स के लिए भारत को एक दीर्घकालिक और स्थिर केंद्र के रूप में पेश करती है.
नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल (Shishir Baijal) ने कहा, एशिया-प्रशांत के ऑफिस लीजिंग वॉल्यूम (Office Leasing Volume) में भारत की हिस्सेदारी बढ़कर 47% हो गई है, जो देश के मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल कॉरपोरेशन के लिए रणनीतिक केंद्र के रूप में बढ़ती अपील का प्रमाण है. उन्होंने कहा, ग्लोबल कॉरपोरेशन वर्तमान में चल रहे व्यापार पुनर्गठन के बीच परिचालन मजबूती चाहते हैं, इसलिए भारत का रियल एस्टेट क्षेत्र, क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए अच्छी स्थिति में है. जबकि, कई एपीएसी बाजारों (शंघाई, बीजिंग) को अधिक आपूर्ति की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय औद्योगिक केंद्रों जैसे मुंबई, Delhi-NCR और बेंगलुरु ने सस्टेन्ड लीजिंग एक्टिविटी से बैलेंस्ड वेकेंसी लेवल बनाए रखा है.
भारत में बिल्ड-टू-सूट फॉर्मेट और फ्लेक्स लीज तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. भारत अपेक्षाकृत कम बाहरी व्यापार निर्भरता और वैश्विक झटकों को अवशोषित करने की मजबूत क्षमता को दर्शाता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण कोरिया या सिंगापुर जैसी एक्सपोर्ट-हेवी इकोनॉमी के विपरीत, भारत का बड़ा घरेलू उपभोग आधार, विवेकपूर्ण राजकोषीय प्रबंधन और विविध सेवा क्षेत्र इसे बाहरी अस्थिरता से बचाते हैं. भारत के लगातार प्रदर्शन का आधार घरेलू मांग में वृद्धि, डिजिटल परिवर्तन और ग्रेड ए वाणिज्यिक परिसंपत्तियों में आपूर्ति पक्ष की तत्परता है. रिपोर्ट में बताया गया है कि जैसे-जैसे व्यवसाय अस्थिरता का सामना करने और नए बाजारों का दोहन करने के लिए रियल एस्टेट पोर्टफोलियो को फिर से तैयार करते हैं, वैसे-वैसे भारत का उभरता रियल एस्टेट परिदृश्य पैमाने और स्थिरता दोनों प्रदान करता है.
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