गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में प्रदर्शित एक रोबोट को लेकर हाल में हुआ विवाद भले ही चर्चा में रहा हो, लेकिन वह इस विशाल और सफल आयोजन का केवल एक छोटा हिस्सा भर है. इस समिट ने स्पष्ट संकेत दिया कि भारत तेजी से वैश्विक एआई शक्ति के रूप में उभर रहा है. यहां स्वदेशी फाउंडेशनल मॉडल, स्वायत्त ड्रोन और ग्रामीण जरूरतों के अनुरूप एआई समाधानों सहित अनेक उन्नत तकनीकी नवाचार प्रदर्शित किए गए.
डीडी इंडिया के संवाददाता के अनुसार, इस कार्यक्रम को किसी एक विवादित प्रदर्शनी तक सीमित नहीं किया जा सकता, क्योंकि देशभर से आए सैकड़ों तकनीकी स्टॉल भविष्य की अत्याधुनिक तकनीकों की झलक पेश कर रहे थे. इन नवाचारों ने भारत के एआई इकोसिस्टम की व्यापकता, गहराई और विविधता को मजबूती से सामने रखा.
भारतजेन एआई और डेटा सुरक्षा समाधान आकर्षण का केंद्र
इस समिट का एक बड़ा आकर्षण भारतजेन Ai रहा, जो देश की 22 आधिकारिक भाषाओं में फाउंडेशनल एआई मॉडल तैयार कर रहा है, जिसका उद्देश्य भाषा की बाधाओं को दूर कर एआई को आम लोगों तक पहुंचाना है. वहीं एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि पैराडाइमआईटी का सॉवरेन एआई बॉक्स था, जिसे डेटा सुरक्षा को मजबूत करने और इंडियाAI मिशन के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है. ऐसे समय में जब डेटा गोपनीयता बेहद अहम है, ये स्वदेशी समाधान आत्मनिर्भर एआई सिस्टम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं.
स्टार्टअप्स और पर्यावरण हित में एआई का उपयोग
स्टार्टअप्स ने भी इस समिट में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई. स्काई एयर मोबिलिटी ने बताया कि उसने 36 लाख स्वचालित डिलीवरी पूरी की हैं और 1,000 टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन कम किया है. इससे स्पष्ट है कि एआई का उपयोग केवल दक्षता बढ़ाने तक सीमित नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा रहा है. समिट में जमीनी स्तर पर किए गए प्रेरणादायक नवाचारों को भी सामने लाया गया.
तारकराम मारम ने अपनी एआई ट्रेनर मशीन का प्रदर्शन किया, जिसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता की शिक्षा को आम लोगों तक पहुंचाना है. वहीं फ्रंटियर मार्केट्स ने दिखाया कि एआई तकनीक ग्रामीण महिला उद्यमियों को बेहतर व्यावसायिक फैसले लेने और आर्थिक रूप से सशक्त बनने में कैसे मदद कर रही है.
युवा नवाचारियों ने दिखाई तकनीकी क्षमता
युवा नवाचारियों के बीच ड्रब्लेट इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड ने खास पहचान बनाई. दो छात्रों — अग्निवा और आदित्य — द्वारा स्थापित यह स्टार्टअप स्वायत्त नेविगेशन और रोबोटिक्स के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल रहा है. यह पहल भारत के युवाओं की तकनीकी दक्षता और महत्वाकांक्षा को दर्शाती है. समिट में बिहार सहित कई राज्यों के पवेलियन भी लगाए गए, जहां एआई आधारित समाधानों के माध्यम से स्थानीय समस्याओं के व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए गए.