UPI Transaction: भारत में डिजिटल भुगतान का चलन लगातार बढ़ रहा है. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के सितंबर के आंकड़ों के मुताबिक, यूपीआई के जरिए लेनदेन की संख्या सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर 24.07 अरब हो गई....
GSMA की रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक भारत में 62 प्रतिशत लोगों के पास 5G कनेक्शन होने का अनुमान है. रिपोर्ट में डिजिटल स्किल्स, साइबर सिक्योरिटी, AI और डिजिटल भरोसे को भारत के लिए अहम प्राथमिकताएं बताया गया है.
Razorpay ने भारत के पेमेंट्स इकोसिस्टम के लिए AI फाउंडेशन मॉडल Vulcan लॉन्च किया है. कंपनी का दावा है कि इससे पेमेंट सक्सेस रेट में 10 प्रतिशत तक सुधार और अंतरराष्ट्रीय कार्ड फ्रॉड की पहचान क्षमता में 8 गुना तक बढ़ोतरी हुई है.
चेन्नई के प्रसिद्ध समुद्र तटों पर जल्द मुफ्त सार्वजनिक Wi-Fi की सुविधा मिलने वाली है. ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन 107 नए Wi-Fi स्मार्ट पोल लगाने की तैयारी कर रहा है, जिसके तहत यूजर्स को रोजाना 45 मिनट तक फ्री इंटरनेट मिलेगा.
भारत में डिजिटल पेमेंट लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है. जुलाई 2026 में UPI के जरिए 23.66 अरब ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 29.88 लाख करोड़ रुपये रही. NPCI के मुताबिक यह अब तक का सबसे बड़ा मासिक रिकॉर्ड है.
भारत में UPI ट्रांजैक्शन ने जुलाई 2026 में नया रिकॉर्ड बनाया है. NPCI के मुताबिक, इस महीने 23.66 अरब ट्रांजैक्शन हुए, जबकि कुल लेनदेन मूल्य 29.88 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया.
भारत में 5जी तकनीक तेजी से लोकप्रिय हो रही है. एरिक्सन की रिपोर्ट के मुताबिक 2031 तक देश में 1.1 अरब 5जी सब्सक्राइबर्स हो सकते हैं, जबकि मोबाइल डेटा खपत बढ़कर 70 जीबी प्रति माह तक पहुंच सकती है.
भारत का UPI अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं है. दक्षिण अफ्रीका ने इसे कैशलेस अर्थव्यवस्था की दिशा में एक आदर्श मॉडल बताया है और अपने डिजिटल भुगतान सिस्टम के विकास में इससे प्रेरणा लेने की बात कही है.
मई 2026 में UPI के जरिए 23.20 अरब ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए. NPCI के अनुसार कुल 29.90 लाख करोड़ रुपये का डिजिटल लेनदेन हुआ, जो पिछले साल की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है.
LPG सिलेंडर डिलीवरी के लिए अनिवार्य किए गए OTP सिस्टम (Delivery Authentication Code) को बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच में चुनौती दी गई है. वितरक संघ का कहना है कि नेटवर्क और तकनीकी समस्याओं के कारण आम जनता और एजेंटों को भारी परेशानी हो रही है. कोर्ट ने अब केंद्र और तेल कंपनियों से जवाब मांगा है.