भारत में डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग से कारोबार शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी तेज और सरल हो गई है. केंद्र सरकार ने बताया कि नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम (NSWS), गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) और MCA21 जैसे डिजिटल टूल्स के जरिए व्यवसाय से जुड़ी कई प्रक्रियाएं आसान हो गई हैं.
सरकार के मुताबिक इन डिजिटल पहलों ने कंपनियों के लिए बाजार तक पहुंच बढ़ाई है और लाखों उद्यमियों के लिए नए वित्तीय अवसर पैदा किए हैं.
NSWS के जरिए लाखों मंजूरियां
सरकारी बयान के अनुसार नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम (NSWS) के माध्यम से अब तक 32 केंद्रीय विभागों और 32 राज्यों में 8,29,750 से अधिक मंजूरियां जारी की जा चुकी हैं. इससे उद्योगों को एक ही प्लेटफॉर्म पर कई सरकारी मंजूरियां लेने में सुविधा मिल रही है.
MCA21 से बढ़ी पारदर्शिता
एमसीए21 प्रोजेक्ट भारत के कॉर्पोरेट सिस्टम में डिजिटल बदलाव का एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है. यह एआई आधारित प्लेटफॉर्म है, जो पारदर्शिता को बढ़ाने के साथ प्रक्रियाओं को सरल बनाता है. इस सिस्टम में ई-स्क्रूटनी, ई-एडजुडिकेशन और ई-कंसल्टेशन जैसी सुविधाएं दी गई हैं. वर्ष 2021 से 2025 के बीच इस प्लेटफॉर्म पर करीब 3.84 करोड़ आवेदन दर्ज किए गए.
MSME सेक्टर को उद्यम पोर्टल से फायदा
उद्यम रजिस्ट्रेशन पोर्टल ने एमएसएमई सेक्टर को भी मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है. 12 फरवरी 2026 तक इस पोर्टल पर करीब 7.71 करोड़ रजिस्ट्रेशन किए जा चुके हैं, जिससे लगभग 33.97 करोड़ रोजगारों को समर्थन मिला है. यह पोर्टल मुफ्त, पेपरलेस और स्वयं-घोषणा आधारित पंजीकरण प्रणाली प्रदान करता है, जो आयकर विभाग और जीएसटी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है.
GeM बना बड़ा डिजिटल मार्केटप्लेस
गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) भी देश का एक बड़ा डिजिटल खरीद प्लेटफॉर्म बन चुका है. यह महिला उद्यमियों, स्टार्टअप्स, एमएसएमई, कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों को बाजार से जोड़ने में मदद करता है.
वित्त वर्ष 2026 में 12 फरवरी तक GeM प्लेटफॉर्म पर 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर दर्ज किए गए और 60 लाख से ज्यादा ऑर्डर पूरे किए गए.
डिजिटल सुधारों से मजबूत हो रहा बिजनेस इकोसिस्टम
सरकार का कहना है कि केंद्र और राज्य स्तर पर डिजिटल सुधारों को जोड़कर भारत उद्यमियों और कारोबारियों के लिए पारदर्शी, तेज और भरोसेमंद व्यापारिक वातावरण तैयार कर रहा है.
इसके अलावा परिवेश और ई-ग्राम स्वराज जैसे अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म भी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद कर रहे हैं.

