India AI Leadership: भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के साथ-साथ इसे आम लोगों तक पहुंचाने और बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने में भी दुनिया का नेतृत्व कर सकता है. इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि ने यह भरोसा जताते...
भारत में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अब देश में इंटरनेट ग्राहकों की संख्या 111 करोड़ के पार पहुंच गई है. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) की रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2026 के अंत...
PM Modi: नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि पूरी दुनिया की निगाहें भारत की मजबूत होती आर्थिक साख पर टिक गईं हैं. यह पहला मौका है, जब वैश्विक...
UPI Transaction: भारत में डिजिटल भुगतान का चलन लगातार बढ़ रहा है. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के सितंबर के आंकड़ों के मुताबिक, यूपीआई के जरिए लेनदेन की संख्या सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर 24.07 अरब हो गई....
GSMA की रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक भारत में 62 प्रतिशत लोगों के पास 5G कनेक्शन होने का अनुमान है. रिपोर्ट में डिजिटल स्किल्स, साइबर सिक्योरिटी, AI और डिजिटल भरोसे को भारत के लिए अहम प्राथमिकताएं बताया गया है.
Razorpay ने भारत के पेमेंट्स इकोसिस्टम के लिए AI फाउंडेशन मॉडल Vulcan लॉन्च किया है. कंपनी का दावा है कि इससे पेमेंट सक्सेस रेट में 10 प्रतिशत तक सुधार और अंतरराष्ट्रीय कार्ड फ्रॉड की पहचान क्षमता में 8 गुना तक बढ़ोतरी हुई है.
चेन्नई के प्रसिद्ध समुद्र तटों पर जल्द मुफ्त सार्वजनिक Wi-Fi की सुविधा मिलने वाली है. ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन 107 नए Wi-Fi स्मार्ट पोल लगाने की तैयारी कर रहा है, जिसके तहत यूजर्स को रोजाना 45 मिनट तक फ्री इंटरनेट मिलेगा.
भारत में डिजिटल पेमेंट लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है. जुलाई 2026 में UPI के जरिए 23.66 अरब ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 29.88 लाख करोड़ रुपये रही. NPCI के मुताबिक यह अब तक का सबसे बड़ा मासिक रिकॉर्ड है.
भारत में UPI ट्रांजैक्शन ने जुलाई 2026 में नया रिकॉर्ड बनाया है. NPCI के मुताबिक, इस महीने 23.66 अरब ट्रांजैक्शन हुए, जबकि कुल लेनदेन मूल्य 29.88 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया.
भारत में 5जी तकनीक तेजी से लोकप्रिय हो रही है. एरिक्सन की रिपोर्ट के मुताबिक 2031 तक देश में 1.1 अरब 5जी सब्सक्राइबर्स हो सकते हैं, जबकि मोबाइल डेटा खपत बढ़कर 70 जीबी प्रति माह तक पहुंच सकती है.