Washington: ईरान युद्ध में शहीद हुई भारतीय मूल की अमेरिकी सेना की सर्जेंट एंजेल सारा रामप्रसाद को उनके अंतिम संस्कार में हीरो की तरह विदाई दी गई. शोक सभा में न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी भी शामिल हुए. एंजेल सारा की मौत पिछले महीने जुलाई के आखिर में जॉर्डन में अमेरिकी सेना के बेस पर ईरानी मिसाइल हमले में हो गई थी. न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने उनके शोक में पूरे राज्य में झंडे आधे झुकाने का आदेश दिया था.
मेरी बेटी एक असली हीरो थी
एंजेल की मां कैरोल एसेवेडो ने कहा कि मेरी बेटी एक असली हीरो थी. सारा दो साल की उम्र में त्रिनिदाद से अमेरिका आ गई थीं. यहीं पर उनका पालन-पोषण हुआ. एंजेल सारा का अंतिम संस्कार स्थानीय समय के अनुसार शुक्रवार को हुआ. अंतिम संस्कार में अमेरिकी अधिकारीए सैनिक और सैकड़ों शोक मनाने वाले शामिल हुए. न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने कहा कि उन्होंने हिम्मत और बिना स्वार्थ के जिंदगी जी.
बहादुर अमेरिकियों की वजह से ज्यादा सुरक्षित
न्यूयॉर्क और हमारा देश, उनके जैसे बहादुर अमेरिकियों की वजह से ज्यादा सुरक्षित है, जो सेवा करने की पुकार का जवाब देते हैं. शहर और राज्य ने उनकी आखिरी यात्रा पर उन्हें सम्मान देने के लिए रैली निकाली, जिसे कुछ स्टेशनों ने लाइव दिखाया. न्यूयॉर्क पुलिस के दर्जनों मोटरसाइकिल सवार जवानों के साथ एक काफिला उनके पार्थिव शरीर को एक चर्च में अंतिम संस्कार के लिए ले गया और फिर लॉन्ग आइलैंड के एक कब्रिस्तान में सैन्य सम्मान के साथ उन्हें विदाई गया.
सर्जेंट की कुर्बानी को याद किया जाएगा
ममदानी चर्च में शोक मनाने वालों में शामिल हुए और कहा कि सर्जेंट एंजेल सारा रामप्रसाद की हिम्मत और कुर्बानी को पूरे शहर में याद किया जाएगा. न्यूयॉर्क के बहुत से लोगों के लिए विदेशों में चल रहे युद्ध कभी दूर नहीं होते, हम उन्हें यहां घर पर भी महसूस करते हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने 22 जुलाई को जॉर्डन से डोवर एयर फोर्स बेस पर लाए गए उनके पार्थिव शरीर को मिलिट्री सम्मान के साथ स्वीकार किया. एंजेल सारा जर्मनी में आर्मी एयर और मिसाइल डिफेंस कमांड के साथ थीं, लेकिन युद्ध के लिए उन्हें जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस पर तैनात किया गया था.
इसे भी पढ़ें. ‘मैं नजरें नहीं उठा पा रही, प्लीज मुझे…’, PM Modi को अपशब्द बोलने वाली रुचिका सिंह का सामने आया माफीनामा वीडियो

