PhonePe Success Story: डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में दमदार शुरुआत करने वाली फोनपे ने पिछले दस वर्षों में खुद को एक व्यापक और बहुआयामी फिनटेक प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित कर लिया है. यूपीआई के शुरुआती अग्रदूतों में शामिल यह कंपनी आज उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों के लिए एक मजबूत वित्तीय इकोसिस्टम तैयार कर चुकी है. स्थापना से अब तक फोनपे ने 65 करोड़ से अधिक पंजीकृत यूजर्स का विशाल आधार बना लिया है, जबकि 4.7 करोड़ से ज्यादा व्यापारियों का इसका नेटवर्क महानगरों से लेकर छोटे कस्बों और गांवों तक फैला हुआ है.
‘यूज़ केस ड्रिवन’ रणनीति की ताकत
कंपनी की यह तेज वृद्धि किसी एक बड़े मौके का परिणाम नहीं, बल्कि आम लोगों की रोजमर्रा की छोटी-छोटी वित्तीय जरूरतों को आसान बनाने पर केंद्रित रणनीति का नतीजा है. जब कई वैश्विक फिनटेक कंपनियां उच्च मूल्य के लेनदेन पर ध्यान केंद्रित कर रही थीं, तब फोनपे ने ‘यूज़ केस ड्रिवन’ दृष्टिकोण अपनाया. कंपनी ने मोबाइल रिचार्ज और बिजली बिल भुगतान जैसी रोजमर्रा की, छोटे मूल्य की लेकिन उच्च आवृत्ति वाली सेवाओं से शुरुआत की. इन सेवाओं को तेज, सरल और भरोसेमंद बनाकर फोनपे ने उपयोगकर्ताओं में नियमित उपयोग की आदत विकसित की.
इस ‘यूटिलिटी-फर्स्ट’ रणनीति ने कंपनी को एक वफादार ग्राहक आधार दिया, जिसने बाद में उसी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध अन्य वित्तीय सेवाओं को अपनाने में भी भरोसा दिखाया. इस तरह फोनपे ने धीरे-धीरे भुगतान ऐप से आगे बढ़कर एक व्यापक वित्तीय मंच का रूप ले लिया.
एक ही ऐप में पूरी वित्तीय दुनिया
साल 2026 तक फोनपे ने उपभोक्ताओं की विभिन्न वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपने प्लेटफॉर्म पर कई सेवाओं को एक ही जगह पर समाहित कर दिया है. यूपीआई आधारित व्यक्ति-से-व्यक्ति और व्यापारी भुगतान के अलावा ऐप पर मोबाइल रिचार्ज, बिजली-पानी के बिल भुगतान, लोन की किस्त जमा करना और फास्टैग रिचार्ज जैसी रोजमर्रा की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं. वेल्थ मैनेजमेंट के क्षेत्र में भी कंपनी ने तेजी से विस्तार किया है. अब उपयोगकर्ता डिजिटल गोल्ड में निवेश कर सकते हैं, जिसमें गोल्ड एसआईपी और दैनिक बचत जैसे विकल्प शामिल हैं. साथ ही टैक्स बचत योजनाओं, लिक्विड फंड और इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश की सुविधा भी इसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से मिल रही है.
बीमा, लोन और वैश्विक विस्तार
बीमा क्षेत्र में फोनपे मोटर, स्वास्थ्य, जीवन और विशेष यात्रा बीमा जैसी योजनाएं उपलब्ध करा रहा है, जिससे आम उपभोक्ताओं को सुलभ सुरक्षा कवरेज मिल सके. इसके साथ ही कंपनी ने लेंडिंग सेवाओं को भी मजबूत किया है, जिसमें मर्चेंट और कंज्यूमर लोन, यूपीआई पर क्रेडिट लाइन और म्यूचुअल फंड के बदले लोन जैसी सुविधाएं शामिल हैं. यात्रा और ट्रांजिट सेवाओं में भी फोनपे सक्रिय है. मेट्रो टिकट बुकिंग से लेकर यूएई, सिंगापुर और श्रीलंका जैसे देशों में अंतरराष्ट्रीय यूपीआई भुगतान की सुविधा देकर कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म को वैश्विक स्तर पर भी विस्तारित किया है.
आसान इंटरफेस और ‘बिल्डिंग फॉर भारत’ रणनीति
भारत जैसे विविध डिजिटल साक्षरता वाले देश में फोनपे की सबसे बड़ी ताकत उसका आसान और उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफेस माना जाता है. 11 से अधिक भारतीय भाषाओं में उपलब्धता और ‘रिलेंटलेस सिंप्लिफिकेशन’ की डिजाइन सोच ने लाखों नए लोगों के लिए डिजिटल भुगतान को सरल और सुलभ बना दिया है. कंपनी की ‘बिल्डिंग फॉर भारत’ रणनीति का असर उसके भौगोलिक विस्तार में भी साफ दिखाई देता है. ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) के मुताबिक, फोनपे के 65% से अधिक यूजर्स पारंपरिक महानगरों के बाहर स्थित टियर-2, टियर-3 और टियर-4 शहरों से आते हैं. यह दर्शाता है कि कंपनी ने डिजिटल वित्तीय सेवाओं को देश के दूरदराज के इलाकों तक सफलतापूर्वक पहुंचाया है.
व्यापारियों के लिए डिजिटल इकोसिस्टम
सिर्फ उपभोक्ताओं तक सीमित न रहकर फोनपे ने 4.7 करोड़ से अधिक व्यापारियों के लिए भी एक व्यापक कारोबारी ढांचा तैयार किया है. फोनपे बिजनेस ऐप स्थानीय व्यापार के लिए एक संपूर्ण डिजिटल केंद्र के रूप में विकसित हुआ है. उत्पाद नवाचार इसकी वृद्धि का प्रमुख आधार रहा है. स्मार्ट स्पीकर और ऑडियो कन्फर्मेशन डिवाइस के बाद हाल ही में लॉन्च किया गया ‘स्मार्टपॉड’ एक ‘मेड-इन-इंडिया’ हाइब्रिड डिवाइस है, जो स्मार्ट स्पीकर और पॉइंट-ऑफ-सेल सिस्टम को एक साथ जोड़ता है. इससे छोटे से छोटे दुकानदार भी एक ही किफायती डिवाइस के जरिए यूपीआई और कार्ड भुगतान स्वीकार कर सकते हैं. इसके अलावा, व्यापारी पेपरलेस लेंडिंग मार्केटप्लेस के माध्यम से वर्किंग कैपिटल और बिजनेस लोन तक 100% डिजिटल प्रक्रिया के जरिए पहुंच सकते हैं.
स्थिरता की ओर बढ़ता फोनपे
इंस्टेंट डिजिटल सेटलमेंट और रिकंसिलिएशन जैसी सुविधाओं ने छोटे व्यापारियों को भी वह आधुनिक तकनीकी आधार उपलब्ध कराया है, जो पहले केवल बड़ी रिटेल कंपनियों तक सीमित था. अपने दसवें वर्ष में प्रवेश करते हुए फोनपे अब सिर्फ विस्तार पर नहीं, बल्कि स्थिरता, विश्वसनीयता और दीर्घकालिक विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. देश के दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंच बनाने के बाद कंपनी अब केवल भुगतान सुविधा देने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि लोगों के धन से जुड़े पूरे जीवनचक्र के प्रबंधन की दिशा में आगे बढ़ रही है. सार्वजनिक कंपनी बनने की तैयारी के साथ फोनपे का लक्ष्य हर भारतीय की वित्तीय जरूरतों के पीछे एक मजबूत लेकिन अदृश्य आधार बनना है.
छोटे उपभोक्ता से बड़े विस्तार तक
कंपनी ने यह दिखाया है कि जब सबसे छोटे व्यापारी और सबसे दूरस्थ उपभोक्ता की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाती है, तो व्यापक विस्तार अपने आप संभव हो जाता है.
यह भी पढ़े: AI कंटेंट पर लेबल हुआ अनिवार्य! नए IT नियम लागू, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए बड़े बदलाव

