Middle East Crisis: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्ग Strait of Hormuz पर भी दिखाई देने लगा है. शिपिंग डेटा के मुताबिक, गुरुवार को सिर्फ तीन कमोडिटी जहाज इस जलडमरूमध्य से गुजर सके. यह मई के बाद एक दिन में सबसे कम ट्रांजिट है. हालिया ईरानी हमलों और ईरान से जुड़े जहाजों पर अमेरिकी नाकेबंदी फिर से शुरू होने के बाद ज्यादातर जहाज या तो रुक गए या बीच रास्ते से वापस लौट गए.
Gulf of Oman में जाकर रुक गए
Kpler के आंकड़ों के अनुसार, Miraan नाम का प्रतिबंधित प्रोडक्ट टैंकर और Norita नाम का छोटा LPG जहाज ईरानी मार्ग से बाहर निकले, लेकिन दोनों Gulf of Oman में जाकर रुक गए, जहां अमेरिकी नाकेबंदी लागू है. उधर, अमेरिका द्वारा शुक्रवार को किए गए हवाई हमलों में ओमान की खाड़ी में स्थित ईरान के चाबहार बंदरगाह का एक निगरानी टावर ढहता हुआ दिखाई दिया.
अफगानिस्तान के लिए अहम मार्ग
यह बंदरगाह अफगानिस्तान के लिए अहम व्यापारिक मार्ग माना जाता है. अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने टावर के ढहते हुए प्रतीत होने वाली तस्वीर भी साझा की, जो इससे पहले सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी थी. ईरान के सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि चाबहार बंदरगाह पर तीसरी बार हमला हुआ है. हालांकि, उसने अब तक यह पुष्टि नहीं की है कि निगरानी टावर वास्तव में ढह गया है या नहीं. अमेरिकी हमलों के बाद ईरान में हड़कंप मच गया है और वहां के ऊर्जा मंत्रालय ने अपने नागरिकों से बिजली की खपत कम करने की सख्त अपील की है.
हमलों के कारण भारी लोड
दक्षिणी ईरान में ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचों पर हुए अमेरिकी हमलों के बाद पूरे देश का पावर ग्रिड भारी दबाव में आ गया है. शुक्रवार को जारी एक बयान में मंत्रालय ने बताया कि भीषण गर्मी की मार झेल रहे दक्षिणी इलाकों के पावर ग्रिड पर इन हमलों के कारण भारी लोड बढ़ गया है. हालांकि, सरकार ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि अमेरिका ने सीधे बिजलीघरों को निशाना बनाया है, ट्रांसमिशन लाइनों को उड़ाया है या फिर किसी दूसरे जरूरी उपकरण को मटियामेट किया है.
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