Islamabad: पाकिस्तान सरकार को इन दिनों बडी चुनौतियों का सामना करना पड रहा है. अब बलूचिस्तान की आजादी से जुड़े कार्यकर्ताओं ने अपनी करेंसी बलोची फालूस जारी की है. पहले यहां बलूचिस्तान के राष्ट्रगान और राष्ट्रध्वज जारी किए गए थे. अब करेंसी जारी होने के बाद यही उम्मीद लगाई जा रही है कि पाकिस्तान के हाथ से बलूचिस्तान निकलता जा रहा है.
पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दी
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन दावों ने पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. अलगाववादी समर्थकों का कहना है कि बलूचिस्तान अब पाकिस्तान का हिस्सा नहीं रहा और उसने अपनी प्रशासनिक व्यवस्था, राष्ट्रीय प्रतीक और नई मुद्रा तक लॉन्च कर दी है. हालांकि, बलूचिस्तान की ओर से जारी इन प्रतीकों को अब तक किसी भी आधिकारिक संस्था ने मान्यता नहीं दी है, लेकिन यह सीधे तौर पर पाकिस्तान के माथे पर पसीना लाने वाला है.
नई करेंसी भी अपना ली
स्वयं को बलूचिस्तान का प्रतिनिधि बताने वाले मीर यार बलोच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ अस्तित्व में आ चुका है. उनके अनुसार नए प्रशासन ने अपना राष्ट्रध्वज, राष्ट्रगान ‘मा चुकैन बलोचानी’ और ‘बलोची फालूस’ नाम की नई करेंसी भी अपना ली है. अब एक ऐसी ही प्रतीकात्मक करेंसी वायरल हो रही है. सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया जा रहा है कि बलूचिस्तान की अपनी मुद्रा चलन में आ गई है. लेकिन फिलहाल इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
कानूनी मान्यता नहीं मिली
अब तक न तो पाकिस्तान सरकार, न संयुक्त राष्ट्र और न ही दुनिया के किसी देश ने बलूचिस्तान को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी है. ऐसे में ‘बलोची फालूस’ को भी किसी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्था या वैश्विक बाजार में कानूनी मान्यता नहीं मिली है. यही वजह है कि इस कथित मुद्रा की कोई आधिकारिक विनिमय दर भी मौजूद नहीं है. इसलिए यह कहना संभव नहीं है कि भारतीय रुपये या किसी अन्य मुद्रा के मुकाबले इसकी क्या कीमत होगी.
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