US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच भीषण युद्ध चल रहा है इसी बीच ईरान के एक इमाम ने विवादित बयान देकर युद्ध को और भडकाने दिया है. तेहरान में शुक्रवार की नमाज के दौरान मुख्य इमाम मोहम्मद जवाद हाजी अली अकबरी ने एक बेहद आक्रामक बयान देते हुए सर्वोच्च नेता अली खामनेई की मौत का बदला लेने का खुला ऐलान किया है. उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि ईरान के लिए बदले का पहला कदम इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले कातिलों को कड़ी से कड़ी सजा देना है.
अमेरिकी सेना को बाहर खदेड़ना मकसद
इतना ही नहीं उन्होंने आगे की रणनीति बताते हुए कहा कि इस रास्ते पर चलते हुए उनका अगला मकसद मिडिल ईस्ट से अमेरिकी सेना को बाहर खदेड़ना, पश्चिम एशिया के नक्शे से इजरायल का नामोनिशान मिटाना और दुनिया भर में अमेरिका की चौधराहट को हमेशा के लिए खत्म करना है. अपने इस भड़काऊ खुतबे में इमाम ने जोर देकर कहा कि बदले की ये मांग सिर्फ कोई जज्बाती उबाल नहीं है, बल्कि ये पूरी तरह से तर्क, शरिया कानून और उनके अधिकारों पर आधारित है, जिसे अब पूरे इस्लामिक मुल्क ने अपना सबसे बड़ा मिशन बना लिया है.
मिसाइलों और ड्रोन से भीषण हमला
उधर, ईरान और कुवैत के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है क्योंकि ईरान ने कुवैत के एक पावर स्टेशन और पानी को साफ करने वाले प्लांट (डिसैलिनेशन प्लांट) पर मिसाइलों और ड्रोन से भीषण हमला बोल दिया है. इस भयानक हरकत की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इसे अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन बताया है.
यह आक्रामक रवैया खतरनाक कदम
कुवैत सरकार ने साफ कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों की धज्जियां उड़ाने वाला ईरान का यह आक्रामक रवैया पूरे इलाके की शांति और स्थिरता के लिए एक बेहद खतरनाक कदम है. इसके साथ ही कुवैत ने दुनिया को चेताया है कि वह अपनी हिफाजत और संप्रभुता को बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत कोई भी जरूरी और सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा.
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